अपने ट्रैक्टर के टायरों में क्यों पानी भर रहे किसान, जानिए इससे क्या फायदा?

किसान करीब 60 से 80 फीसदी तक टायरों में पानी भर देते हैं. इस प्रक्रिया को बैलेस्टिंग ऑफ टायर्स कहा जाता है.

Kisan India
Updated On: 25 Feb, 2025 | 03:19 PM

आज के दौर में खेती-किसानी के लिए ट्रैक्टर बेहद खास हिस्सा हो चुका है. किसान अलग-अलग प्रयोगों के जरिए ट्रैक्टर का किसानी में जमकर इस्तेमाल करते हैं. आजकल किसान ट्रैक्टर के टायरों में पानी भरकर इस्तेमाल कर रहे हैं. अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो हम आपको पूरी जानकारी देते हैं.

दरअसल किसान ट्रैक्टर से अपनी उत्पादकता को बढ़ाने के लिए उसका टायरों में पानी भर देते हैं. किसान करीब 60 से 80 फीसदी तक टायरों में पानी भर देते हैं. इस प्रक्रिया को बैलेस्टिंग ऑफ टायर्स कहा जाता है. आसान शब्दों में आगे समझिए कि इससे उन्हें क्या फायदा है?

घर्षण में मददगार

ट्रैक्टर के टायरों को भारी बनाने के लिए पानी भरा जाता है. इस प्रक्रिया को वॉटर बैलेस्टिंग या टायर में पानी भरना कहा जाता है. टायरों में पानी भरने से उनका वजन बढ़ जाता है और इससे उनके घर्षण में इजाफा होता है. इससे उत्पादकता में इजाफा होता है.

आसान काम

खेत में पानी लगाने के दौरान जब ट्रैक्टर चलाया जाता है, तो उसमें परेशानी होती है. इससे निपटने के लिए किसान टायरों में पानी भर देते हैं. हल्के टायर पानी भरे खेतों में घूमने और फिसलने लगते हैं लेकिन पानी से भरे होने के कारण इनमें फिसलन नहीं होती है. इनकी ग्रिप खेतों में बेहतर हो जाती है.

दोनों टाइप के वॉल्व

ट्रैक्टर में लगे टायर चाहें ट्यूब हों या ट्यूबलैस- दोनों में पानी भरा जा सकता है. दोनों टायरों में किसान आसानी से पानी भर सकते हैं. इनमें एयर और वॉटर दोनों टाइप के वॉल्व होते हैं.

वजन में इजाफा

पानी भरने से ट्रैक्टर का वजन बढ़ जाता है. इससे टायर जमीन पर ग्रिप बना लेता है. इस ट्रिक से किसान ट्रैक्टर के जरिए भारी वजन उठा लेते हैं और कठिन काम कर लेते हैं.

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Published: 23 Feb, 2025 | 01:10 PM

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