अमेरिका ने भारत पर लगाया 10 फीसदी और टैरिफ, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर भी लिया सख्त एक्शन

अमेरिका ने भारत समेत 17 देशों से आने वाले कुछ सामान पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम जबरन मजदूरी से बने उत्पादों पर रोक और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. इस फैसले का असर भारत के निर्यात और भारत-अमेरिका व्यापार पर पड़ सकता है.

नोएडा | Updated On: 24 Jul, 2026 | 08:47 AM

Additional Import Duty: अमेरिका ने भारत समेत 17 देशों से आने वाले कुछ सामान पर 10 फीसदी अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया है. अमेरिका का कहना है कि इन उत्पादों के निर्माण में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल होने की आशंका है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीर ने शुक्रवार को अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत लिया गया है और इसके दायरे में कुल 60 देश शामिल हैं. खास बात यह है कि कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान पर भी  अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है.

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सभी देशों पर लागू 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क  की अवधि खत्म होने में सिर्फ एक दिन बचा था. अमेरिका का कहना है कि जिन उत्पादों के निर्माण में जबरन मजदूरी का इस्तेमाल होगा, उन पर सख्त व्यापारिक कार्रवाई की जाएगी. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने का अंतिम फैसला लिया गया है.

नियमों को सख्ती से लागू करने में विफलता

USTR के अनुसार, इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रभावी रोक लगाने और नियमों को सख्ती से लागू करने में विफलता दिखाई है. इसी वजह से यह कार्रवाई की गई है. जेमीसन ग्रीर ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य जबरन मजदूरी जैसी मानवाधिकार समस्या पर रोक लगाना और वैश्विक व्यापार को अधिक निष्पक्ष बनाना है, ताकि दुनिया भर के श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सके.

इन देशों पर भी लिया एक्शन

नई व्यवस्था के तहत भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों से आने वाले कुछ सामान पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. इससे पहले भारत को 12.5 फीसदी टैरिफ वाले देशों की सूची में रखा गया था, लेकिन अब इसे 10 फीसदी टैरिफ वाले समूह में शामिल किया गया है. अमेरिकी सरकार की ओर से जारी नोट में कहा गया है कि जून में प्रस्तावित टैरिफ की घोषणा के बाद भारत ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए अपने नियमों में बदलाव किया.

इसकी अवधि 24 जुलाई को खत्म हो रही है

14 जून को भारत ने अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर ऐसे सामान के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो जबरन मजदूरी से तैयार किए गए हों. दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में ट्रंप प्रशासन के पिछले साल लगाए गए “रिसिप्रोकल टैरिफ” को अवैध करार दिया था. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने नई जांच शुरू की और सभी देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिसकी अवधि 24 जुलाई को खत्म हो रही है.

वहीं, भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की इन दोनों जांचों पर आपत्ति जताई है. भारत का कहना है कि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) वार्ता के दौरान चर्चा की जानी चाहिए. अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है.

द्विपक्षीय व्यापार करीब 141 अरब डॉलर रहा

वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत और अमेरिका के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 141 अरब डॉलर रहा. इसमें भारत का अमेरिका को निर्यात 87.3 अरब डॉलर का था. ऐसे में अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ का असर भारत के निर्यात और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर पड़ सकता है.

Published: 24 Jul, 2026 | 08:36 AM

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