भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध तेज, दिल्ली में किसानों की आज महारैली.. पंजाब से रवाना हुए काफिले

भारत–अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर देश बचाओ मोर्चा की बड़ी किसान महारैली होगी. पंजाब समेत कई राज्यों से हजारों किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं. किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित समझौते से कृषि, डेयरी, छोटे कारोबार और ग्रामीण रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 21 Jul, 2026 | 10:14 AM

देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर भारत- अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर बड़ी किसान महारैली होगी. पंजाब समेत कई राज्यों से हजारों किसान इस महारैली में शामिल होंगे. इसके लिए सभी किसान अपने-अपने राज्य से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का अमृतसर- गुरदासपुर का काफिला भी ब्यास पुल से दिल्ली के लिए निकल चुका है. उन्होंने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा (पंजाब चैप्टर), संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष समेत कई किसान संगठनों के काफिले भी पंजाब के अलग-अलग जिलों से दिल्ली जा रहे हैं.

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि फरवरी 2025 में भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान  में दोनों देशों ने एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) करने की दिशा में काम करने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि यह समझौता सिर्फ कुछ उत्पादों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कृषि, डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, निवेश, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार और सेवा क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों को भी शामिल कर सकता है.

क्या बोले किसान नेता पंढेर

पंढेर ने कहा कि अमेरिका पहले भी अपनी व्यापार रिपोर्टों में भारत के कृषि और डेयरी बाजार तक ज्यादा पहुंच की मांग करता रहा है. उनके मुताबिक, अमेरिका सोयाबीन, मक्का, कपास, एथेनॉल, सेब, बादाम जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क  कम करने और अमेरिकी डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री, फल, मछली उत्पाद और नारियल जैसे सामान के लिए भारतीय बाजार खोलने की मांग करता रहा है. किसान नेताओं का कहना है कि अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जबकि भारत में ज्यादातर किसान छोटे और सीमांत हैं. उनका कहना है कि अगर सस्ते अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में आए, तो इससे भारतीय किसानों, दूध उत्पादकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों को बड़ा नुकसान हो सकता है.

डेयरी क्षेत्र 8 करोड़ ग्रामीण परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत

किसान नेताओं ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र  करीब 8 करोड़ ग्रामीण परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है. ऐसे में इस क्षेत्र पर किसी भी तरह का असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बीज, खाद्य प्रसंस्करण, छोटे कारोबार और कृषि आधारित उद्योगों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है. देश बचाओ मोर्चा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारत- अमेरिका व्यापार समझौते (FTA) से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं. संगठन का कहना है कि किसानों, मजदूरों, दुग्ध उत्पादकों, छोटे व्यापारियों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा किए बिना कोई भी व्यापार समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

काफिले में ये किसान नेता हैं शामिल

दिल्ली रवाना हुए किसान काफिले के साथ हरविंदर सिंह मसाणियां, स्विंदर सिंह चुताला, लखविंदर सिंह वरियाम नंगल, जर्मनजीत सिंह बंडाला, रणजीत सिंह कलेर बाला, कंवरदलीप सैदो लेहल और गुरदासपुर जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरो नंगल भी मौजूद रहे. वहीं, गोइंदवाल साहिब से रवाना हुए किसान जत्थे की अगुवाई सतनाम सिंह मानोचाहल और हरजिंदर सिंह शकरी ने की.

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Published: 21 Jul, 2026 | 07:31 AM

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