अल नीनो से निपटने के लिए रोडमैप तैयार, लागू होगी PMDS योजना.. प्रति एकड़ बढ़ेगी कमाई

अधिकारियों ने कहा है कि 8 लाख किसानों ने फार्मर ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया है. इस ऐप में फसल सर्वे, मिट्टी जांच, खाद-बीज  उपयोग, सरकारी योजनाओं के लाभ और जल संसाधन से जुड़ी जानकारी एक साथ उपलब्ध है. मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि सिर्फ रजिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं.

नोएडा | Updated On: 25 Apr, 2026 | 04:59 PM

Andhra Pradesh News: अल नीनो के कारण इस साल बारिश सामान्य से कम (लगभग 92 फीसदी) रहने की संभावना है. ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार ने अल नीनो के असर से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. राज्य सरकार 20 लाख एकड़ क्षेत्र में प्री-मानसून ड्राई सोइंग (PMDS) योजना लागू करेगी. इस तकनीक से किसानों को प्रति एकड़ 5,000 से 7,000 रुपये तक अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है. साथ ही पानी और खेती की लागत भी कम होगी. इसके अलावा, प्राकृतिक खेती को 13,300 ग्राम पंचायतों में 11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तक बढ़ाने की योजना है, जिससे करीब 25 लाख किसान जुड़ेंगे.

वहीं, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जाए, ताकि किसानों की सुरक्षा, आय में बढ़ोतरी और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिल सके. उन्होंने कृषि और संबंधित विभागों की समीक्षा के दौरान कहा कि किसानों को ऐसी फसलें उगाने के लिए जागरूक किया जाए जिनकी बाजार में ज्यादा मांग हो और सालभर आय सुनिश्चित करने के लिए मल्टी क्रॉपिंग  को बढ़ावा दिया जाए. मुख्यमंत्री ने RSK इंटेलिजेंस हब डैशबोर्ड की भी समीक्षा की, जो रायतू भरोसा केंद्रों और कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन पर नजर रखता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेटा समय पर और सही तरीके से अपडेट किया जाए.

घर-घर डिलीवरी की व्यवस्था की जाएगी

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नायडू ने यह भी निर्देश दिया कि प्राकृतिक खेती से मिलने वाले उत्पादों की सर्टिफिकेशन आधारित बिक्री व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि किसानों को बेहतर कीमत मिल सके. उन्होंने बताया कि पिछले रबी सीजन में प्रति हेक्टेयर यूरिया का उपयोग कम होना एक सकारात्मक संकेत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रायतू बाजारों से किसानों के उत्पादों की घर-घर डिलीवरी की व्यवस्था उपयुक्त एजेंसियों के जरिए शुरू की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि रायलसीमा क्षेत्र को एक वैश्विक बागवानी हब बनाने के लिए क्लस्टर आधारित योजना तैयार की जाए.

कोको सिटी बनाने का दिया निर्देश

उन्होंने दुनिया की पहली विशेष कोको सिटी बनाने की योजना भी घोषित की, जो 250 एकड़ में विकसित होगी और प्रगतिशील किसानों के लिए एक अनुभव केंद्र के रूप में काम करेगी. इसके साथ ही उन्होंने एपी मशरूम मिशन  2026-31 की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य हर साल 1 लाख मीट्रिक टन उत्पादन करना है. मुख्यमंत्री ने अराकू में केसर की खेती और अनंतपुर में सेब की खेती बढ़ाने के भी निर्देश दिए.

50 लाख एकड़ में बागवानी क्षेत्र का विस्तार

सीएम नायडू ने कहा कि एवोकाडो, अंजीर, कटहल, अमरूद और काली मिर्च जैसी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा. अंजीर को सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट) के रूप में प्रोसेस करके उसकी वैल्यू बढ़ाने की योजना है. सरकार ने बागवानी क्षेत्र को 50 लाख एकड़ तक विस्तार देने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है. इसके साथ ही बीपीएल किसानों के परिवारों को डेयरी और पशुपालन के जरिए अतिरिक्त आय का सहारा दिया जाएगा.

8 लाख किसानों ने फार्मर ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया

अधिकारियों ने बताया कि 8 लाख किसानों ने फार्मर ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया है. इस ऐप में फसल सर्वे, मिट्टी जांच, खाद-बीज  उपयोग, सरकारी योजनाओं के लाभ और जल संसाधन से जुड़ी जानकारी एक साथ उपलब्ध है. मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि सिर्फ रजिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं.

 

Published: 25 Apr, 2026 | 04:54 PM

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