पहले 25 दिन लगते थे अब किसानों को 5 मिनट में मिल रहा धन, अन्नदाता को 3 लाख करोड़ देने की योजना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 2017 में 8 फीसदी से बढ़कर 2025 में 18 फीसदी से अधिक हो गई है. हमारा किसान भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी उत्पादन कर रहा है. उन्होंने कहा कि 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं.

नोएडा | Updated On: 5 Feb, 2026 | 07:43 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले किसानों को लोन राशि पाने के लिए 25 दिन तक का समय लग जाता था, लेकिन अब केवल 5 मिनट में उनके खाते में लोन राशि पहुंच रही है. यह संभव हुआ है किसान क्रेडिट कार्ड और मजबूत और तेज होती बैंकिंग सुविधाओं के जरिए. सीएम ने कहा कि किसानों को लोन राशि के रूप में 3 लाख करोड़ रुपये देने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि एफपीओ बनने से किसानों को उनकी उपज की बिक्री करने और सही दाम हासिल करने में आसानी हुई है. यूपी तेजी से कृषि में आगे बढ़ रहा है और कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी के पार पहुंच गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की तस्वीर ही बदल दी है. किसान जब पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेने जाता था, तो 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज वही किसान ई-केसीसी के माध्यम से मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा प्राप्त कर रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए जो हमारा कृषि ऋण 3 लाख करोड़ है, यह पहले की तुलना में 13 फीसदी बढ़ा है.

लोन राशि पर ब्याज दरें घटाई गईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों को सशक्त करने के लिए सहकारिता के माध्यम से ठोस कदम उठाए गए हैं. पहले किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता था और बैंक भी घाटे में थे, क्योंकि उनका पैसा डूब जाता था. हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लघु और  सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, शेष सहयोग सरकार करेगी. जब किसानों को आसान ब्याज दर और सरल किस्तों पर ऋण मिलेगा तो वे खेती में निवेश करेंगे, तकनीक अपनाएंगे और उनकी आय में बढ़ेगी.

खेती में एआई के इस्तेमाल के लिए सरकार भी सोच रही और किसान भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एफपीओ बनने से किसानों को अपनी उपज की बिक्री करने में आसानी हुई है और उन्हें सही दाम भी मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के जरिए संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ में 1,005 सदस्य हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में जिन्हें पहले कमजोर माना जाता था, दिव्यांगजनों ने अपनी मेहनत और क्षमता से नया उदाहरण प्रस्तुत किया है.

मथुरा की महिलाओं के सरसों ऑयल एफपीओ की तारीफ

मुख्यमंत्री ने मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी के बारे में कहा कि मैंने स्वयं उनकी प्रदर्शनी देखी है. किस तरह मस्टर्ड ऑयल को प्रोसेसिंग से जोड़कर महिलाओं ने बेहतर मुनाफा कमाया, यह पूरे प्रदेश के लिए सीख है. सरकार इस तरह के प्रयासों को हर स्तर पर सहयोग देगी. सीएम ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र भी बदल रहा है. उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ एग्रीटेक के क्षेत्र में काम कर रहा है.

एक लाख किसानों को सिंचाई सोलर पैनल मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश ही नहीं, दुनिया का पहला राज्य है, जहां 86 फीसदी भूमि सिंचित है. 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं. 2016 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 11.7 लाख करोड़ रुपये की थी, जो इस वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगी.

यूपी की कृषि विकास दर 18 फीसदी पर पहुंची

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 2017 में 8 फीसदी से बढ़कर 2025 में 18 फीसदी से अधिक हो गई है. हमारा किसान भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी उत्पादन कर रहा है. एथेनॉल व चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक है. वर्ष 2000 से 2017 के बीच यानी 17 सालों में प्रदेश के गन्ना किसानों को मात्र 2 लाख 14 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि हमने पिछले नौ वर्षों में ही किसानों के खाते में 3 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है, यानी 86 हजार करोड़ ज्यादा.

Published: 5 Feb, 2026 | 07:16 PM

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