Diesel Shortage: विशाखापट्टनम और उत्तर आंध्र प्रदेश केकुछ अन्य जिलों में पिछले एक हफ्ते से डीजल की कमी देखी जा रही है. इसकी वजह से धान की कटाई और झींगा व मछली पालन जैसे काम प्रभावित हुए हैं. यह कमी खासकर अल्लूरी सीताराम राजू जिले और विजयनगरम के कुछ इलाकों में ज्यादा महसूस की जा रही है. ऐसे में किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर ईंधन की कीमत इसी तरह से जारी रही, तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है.
विशाखापट्टनम पेट्रोल बंक्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि नारायण रेड्डी ने ‘मीडिया’ से कहा कि उत्तर आंध्र में करीब 600 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें निजी पंप भी शामिल हैं. हालांकि तेल कंपनियों ने किसी तरह की कमी से इनकार किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि खासकर डीजल की सप्लाई कम कर दी गई है. इसके बावजूद अभी तक किसी तरह की घबराहट की स्थिति नहीं बनी है.
रोज कितनी होती है पेट्रोल और डीजल की खपत
संयुक्त विशाखापट्टनम जिले में करीब 350 पेट्रोल पंप हैं. यहां रोजाना लगभग 12.25 लाख लीटर पेट्रोल और करीब 15.75 लाख लीटर डीजल की खपत होती है. लेकिन फिलहाल डीजल की सप्लाई सामान्य स्तर से कम मिल रही है. वहीं संयुक्त श्रीकाकुलम जिले में 90 पेट्रोल पंप हैं, जहां रोजाना लगभग 1.8 लाख लीटर पेट्रोल और 2.7 लाख लीटर डीजल की खपत होती है. श्रीकाकुलम पेट्रोल बंक्स एसोसिएशन के नेता गौतम ने बताया कि तेल कंपनियों ने सप्लाई पर रोक या कटौती कर दी है.
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चारपहिया वाहनों को कितना मिलेगा डीजल
उन्होंने कहा कि अब लोरी और अन्य चारपहिया वाहनों को भी 50 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जा सकता. अगर कोई पंप इससे ज्यादा फ्यूल देता है, तो ऑनलाइन सिस्टम उसे पकड़ लेता है और कंपनियां चेतावनी देती हैं या अगली सप्लाई रोक देती हैं. संयुक्त विजयनगरम जिले में फिलहाल सामान्य सप्लाई का सिर्फ करीब 55फीसदी ही ईंधन मिल रहा है. यहां 158 पेट्रोल पंप हैं, जहां रोजाना लगभग 2.8 लाख लीटर पेट्रोल और 4.5 लाख लीटर डीजल की खपत होती है. इस स्थिति पर विजयनगरम के शिक्षक वी. भास्कर राव ने कहा कि पहले जब पेट्रोल-डीजल के दाम 30-50 पैसे बढ़ते थे, तो लोग विरोध करते थे. लेकिन अब निजी पेट्रोल पंप एक बार में 5 रुपये तक कीमत बढ़ा रहे हैं और इसके लिए युद्ध जैसे कारण बताए जा रहे हैं.
5,000 पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी
वहीं, एपी फेडरेशन के अध्यक्ष रवि गोपाला कृष्णा ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के लगभग 5,000 पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी न हो. हालांकि, डीलर तब तक सतर्क बने हुए हैं जब तक वादा किया गया ईंधन समय पर नहीं पहुंच जाता. उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से सभी बकाया भुगतान कर दिए गए हैं और तेल कंपनियों से अपील की है कि वे समय पर और नियमित रूप से ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करें.