बारिश से बर्बाद रबी फसलों का मुआवजा देने की घोषणा, 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगी राशि
राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि जिन-जिन जिलों में वर्षा और ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कई जिलों में सर्वे कार्य लगभग पूरा हो गया है. किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और राज्य सरकार मुआवजा जारी करेगी.
मध्य प्रदेश में बीते दो सप्ताह से मौसम खराब चल रहा है. जनवरी के आखिरी सप्ताह में बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके बाद भी रुक रुककर बूंदाबांद से फसलें खराब हुई हैं. इंदौर, भोपाल, रतलाम, चंबल संभाग समेत राज्य के कई हिस्सों में गेहूं, चना, सरसों समेत अन्य फसलें खराब हुई हैं तो मूंग, उड़द और सूरजमुखी की बुवाई में देरी हुई है. किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने राशि तय कर दी है. कहा गया है कि 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किसानों को किया जाएगा. बता दें कि बजट में मध्य प्रदेश सरकार ने राहत पैकेज के लिए मोटी रकम तय की है.
20 दिनों से खराब मौसम से रबी फसलों को भारी नुकसान
मध्यप्रदेश में बीते करीब 20 दिनों से मौसम खराब चल रहा है और इससे फसलों को नुकसान हो रहा है. रतलाम जिले के कई क्षेत्रों में बीते मंगलवार रात 11 बजे के बाद कई स्थानों पर बेमौसम बारिश हुई. रुक-रुक कर पूरी रात जारी रही बारिश से गेहूं, चना को नुकसान हुआ है. जबकि कई हिस्सों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई. भोपाल के आसपास सीहोर, रायसेन और विदिशा में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे. इसके अलावा ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और आसपास के जिलों में भी किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा. खराब मौसम से गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं. जिन फसलों की कटाई का समय नजदीक था, वे खेतों में ही गिर गईं या पूरी तरह खराब हो गईं.
बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों राशि देंगे- कृषि मंत्री
मध्य प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है. हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की राहत राशि देने का ऐलान किया गया है. किसानों को राशि वितरण जल्द शुरू किया जाएगा.
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किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा
कृषि मंत्री ने कहा कि जिन-जिन जिलों में वर्षा और ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सर्वे कार्य पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत राशि का भुगतान समय पर किया जा सके. उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करें.
सरकार ने फसल नुकसान पर मुआवजा राशि तय
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया है गया है कि मुआवजा फसल नुकसान के स्तर के अनुसार दिया जाएगा. जिन किसानों की फसल पूरी तरह यानी 100 फीसदी खराब हुई है, उन्हें प्रति हेक्टेयर 32 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी. वहीं, जिन किसानों की फसल को 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है, उन्हें 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन क्षेत्रों में करीब 25 फीसदी फसलों में नुकसान दर्ज किया गया है वहां के किसानों को 9,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस राशि से किसानों के मुआवजे की भरपाई भी की जाएगी.