अब आपका खेत भी बनेगा ‘नोट छापने वाली मशीन’! जानें PM-कुसुम C-1 योजना से किसान कैसे कमाएं लाखों

PM Kusum C1 Yojana: प्रधानमंत्री कुसुम सी-1 योजना के तहत किसान अपने बिजली से जुड़े पंपों को सोलर एनर्जी से चला सकते हैं. योजना में 60% तक सब्सिडी मिलती है, जिससे सिंचाई की लागत घटती है और अतिरिक्त बिजली बेचकर किसान अतिरिक्त आय कमा सकते हैं. यह योजना किसानों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में अहम कदम है.

नोएडा | Updated On: 15 Feb, 2026 | 08:01 PM

Government Schemes For Farmers: कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत और बिजली संकट के बीच प्रधानमंत्री कुसुम योजना का सी-1 घटक किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है. इस योजना के माध्यम से किसान अपने खेतों में सोलर पैनल लगाकर सिंचाई के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं. इतना ही नहीं, जरूरत से अधिक पैदा होने वाली बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं. इस तरह किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ भी बन सकते हैं.

क्या है पीएम कुसुम योजना?

प्रधानमंत्री कुसुम योजना का मकसद किसानों को खेती में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद करना है। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने, पहले से लगे पंपों को सोलर से जोड़ने और छोटे सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।

इस योजना के तीन मुख्य हिस्से हैं:

सी-1 घटक विशेष रूप से उन किसानों के लिए है जिनके पास पहले से बिजली से जुड़े पंप हैं और वे उन्हें सौर ऊर्जा से चलाना चाहते हैं.

कितनी मिलती है सब्सिडी?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है आकर्षक सब्सिडी. परियोजना लागत का लगभग 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करते हैं. कुछ राज्यों में विशेष श्रेणी के किसानों, जैसे अनुसूचित जनजाति या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 70 प्रतिशत तक सहायता दी जाती है. शेष राशि के लिए किसान बैंक से ऋण भी ले सकते हैं.

किसानों को क्या होगा फायदा?

सोलर पंप लगने से डीजल और बिजली बिल पर होने वाला खर्च काफी कम हो जाता है. नियमित और भरोसेमंद सिंचाई मिलने से फसल उत्पादन में सुधार होता है. सबसे अहम बात यह है कि अतिरिक्त बिजली को सरकार को बेचकर किसान सालाना अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. साथ ही, सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन घटता है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), संयुक्त देयता समूह (JLG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), पंचायतें और जल उपयोगकर्ता संघ उठा सकते हैं. आवेदन के लिए पहचान पत्र, पते का प्रमाण, जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी आवश्यक होती है. राज्यवार नियमों में थोड़े बदलाव संभव हैं.

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक किसान अपने राज्य की नामित एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश में ऑन-ग्रिड पंपों के सोलराइजेशन के लिए विशेष पोर्टल बनाया गया है, जहां पंजीकरण के बाद आवेदन की स्थिति भी ट्रैक की जा सकती है.

खेती को बनाएं लाभ का जरिया

यदि किसान सही योजना और जानकारी के साथ इस योजना का लाभ उठाएं, तो उनका खेत ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बन सकता है. सिंचाई की चिंता दूर होगी, लागत घटेगी और अतिरिक्त आय का नया स्रोत खुलेगा. प्रधानमंत्री कुसुम सी-1 योजना खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Published: 15 Feb, 2026 | 09:22 PM

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