PM-Kusum के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा! सोलर पंप सब्सिडी के झांसे में न गंवाएं लाखों, सरकार ने जारी की चेतावनी

PM Kusum Scheme: पीएम-कुसुम योजना किसानों को सोलर पंप और सोलर प्लांट पर 30–50 फीसदी तक सब्सिडी देती है, लेकिन इसके नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें चल रही हैं. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने चेतावनी जारी कर किसानों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही आवेदन करें. किसी भी अनजान लिंक या वेबसाइट पर भुगतान करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है.

नोएडा | Published: 21 Feb, 2026 | 11:24 AM

PM Kusum Yojana: देश के करोड़ों किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम-कुसुम योजना इन दिनों साइबर ठगों के निशाने पर है. सोलर पंप पर सब्सिडी दिलाने के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप किसानों को जाल में फंसा रहे हैं. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी लिंक पर क्लिक करना या ऑनलाइन भुगतान करना आपकी मेहनत की कमाई को जोखिम में डाल सकता है.

मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने किसानों को सतर्क करते हुए बताया कि योजना के नाम पर कई फर्जी पोर्टल चल रहे हैं. ये वेबसाइटें ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन फीस और सोलर पंप की एडवांस पेमेंट जमा कराने का झांसा देती हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि (https://pmkusum.mnre.gov.in/) ही पीएम-कुसुम योजना की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट है. किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और बिना पुष्टि के कोई भुगतान न करें.

फर्जी वेबसाइट की पहचान कैसे करें?

धोखाधड़ी करने वाले पोर्टल अक्सर .org, .in, .com जैसे डोमेन में मिलते-जुलते नाम से रजिस्टर्ड होते हैं. उदाहरण के तौर पर:

ऐसी वेबसाइटों पर सरकारी लोगो और योजना की जानकारी दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है. किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले आधिकारिक पोर्टल की पुष्टि जरूर करें.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि (https://pmkusum.mnre.gov.in/) ही PM Kusum की आधिकारिक वेबसाइट है.

क्या है PM-KUSUM योजना?

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को डीजल मुक्त बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है. इस योजना के तहत:

इस पहल से किसान अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली स्थानीय डिस्कॉम को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं.

पीएम-कुसुम योजना के प्रमुख लाभ

यह योजना राज्य सरकारों के नामित विभागों के माध्यम से लागू की जा रही है.

सहायता और जानकारी कहां लें?

योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट (http://www.mnre.gov.in) पर जाएं या टोल फ्री नंबर 1800-180-3333 पर संपर्क करें. किसानों के लिए जरूरी है कि वे सतर्क रहें, केवल सरकारी पोर्टल का उपयोग करें और किसी भी लालच में आकर ऑनलाइन भुगतान न करें. जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.

 

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