कृषि, खाद्य सुरक्षा और उर्वरक पर भारत-इंडोनेशिया की बड़ी साझेदारी, कई अहम समझौतों पर लगी मुहर

भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, दवा, उर्वरक, डिजिटल भुगतान और कनेक्टिविटी समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल, कृषि अनुसंधान, सबांग बंदरगाह विकास, क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट और डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई.

नोएडा | Updated On: 8 Jul, 2026 | 08:15 AM

India-Indonesia: भारत और इंडोनेशिया ने अपने रिश्तों को नई मजबूती देते हुए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ कृषि, खाद्य सुरक्षा, दवा और उर्वरक जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है. दोनों देशों के नेताओं ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक-दूसरे की नीतियों का सम्मान करते हुए मिलकर काम किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के बीच हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में आर्थिक और व्यापारिक सहयोग सबसे अहम आधार है. दोनों नेताओं ने कहा कि भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और इंडोनेशिया के ‘इंडोनेशिया एमास 2045’ विजन के बीच कई समानताएं हैं और दोनों देश मिलकर विकास के नए अवसरों का लाभ उठाएंगे.

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर

वहीं, बैठक में दोनों नेताओं ने कृषि और खाद्य सुरक्षा  के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. इसके तहत कृषि व्यापार बढ़ाने, संयुक्त शोध करने, नई तकनीकों को अपनाने और एक-दूसरे के अनुभव साझा करने पर सहमति बनी. इसका मकसद टिकाऊ और मजबूत खाद्य व्यवस्था तैयार करना है. दोनों देशों ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए प्रस्तावित समझौते (एमओयू) को जल्द अंतिम रूप देने और समुद्री व मत्स्य क्षेत्र से जुड़े मौजूदा समझौते का जल्द नवीनीकरण करने की उम्मीद भी जताई.

भारत और इंडोनेशिया ने दवाओं और चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में जारी सहयोग का भी स्वागत किया. इस दौरान भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और इंडोनेशिया की Badan Pengawas Obat dan Makanan (बीपीओएम) के बीच चिकित्सा उत्पादों के नियमन में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.

उर्वरक क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई

इसके अलावा दोनों देशों ने उर्वरक क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई. नेताओं ने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार हालात के बीच किसानों को उर्वरकों की स्थिर, किफायती और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. इससे कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने दोनों देशों के बीच समुद्री और हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने पर सहमति जताई. दोनों नेताओं ने ज्यादा उड़ानों और बंदरगाहों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया.

सबांग बंदरगाह के विकास में भारत की रुचि

राष्ट्रपति प्रबोवो ने इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में भारत की रुचि का स्वागत किया. दोनों नेताओं का मानना है कि इस परियोजना से समुद्री पर्यटन, जहाज निर्माण और मरम्मत, समुद्री उद्योग तथा अपतटीय ऊर्जा गतिविधियों से जुड़ी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा. इस साझेदारी से भारत के अंडमान व नोकोबार द्वीप समूहऔर इंडोनेशिया के सुमात्रा के बीच लोगों और सामान की आवाजाही आसान होगी. साथ ही निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, तकनीक का आदान-प्रदान होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. दोनों नेताओं ने अधिकारियों को इस परियोजना के दायरे, वित्तीय व्यवस्था और क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया.

दोनों देशों के QR पेमेंट लिंक लागू होगा

इसके अलावा, दोनों देशों ने इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) की शुरुआत का भी स्वागत किया. यह भारत के डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ONDC) मॉडल पर आधारित है. इसका उद्देश्य इंडोनेशिया के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाना है. भारत और इंडोनेशिया ने डिजिटल भुगतान और दूरसंचार (टेलीकॉम) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर क्यूआर (QR) पेमेंट लिंक लागू करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया.

 

Published: 8 Jul, 2026 | 08:08 AM

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