Iran-Israel War: किसानों की बढ़ी परेशानी, रुक गया अंडों का एक्सपोर्ट.. केले के निर्यात में भी आ रहीं दिक्कतें

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि युद्ध की स्थिति के कारण कृषि निर्यात प्रभावित हो रहा है. रायलसीमा से दुबई और खाड़ी देशों को केले का निर्यात और अंडे का निर्यात रुका है, कीमतें गिरने का खतरा है. गैस आपूर्ति प्रभावित होने से सरकार ने मंत्रियों की समिति बनाई है.

नोएडा | Updated On: 14 Mar, 2026 | 10:27 PM

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि मौजूदा युद्ध की स्थिति का असर कृषि निर्यात पर पड़ रहा है, जिससे किसानों और उत्पादकों को परेशानी हो रही है. उन्होंने गन्नावरम विधानसभा क्षेत्र के सूरमपल्ली में आयोजित PM किसान- अन्नदाता सुखीभाव कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रायलसीमा से दुबई और खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले केले के निर्यात में दिक्कत आ रही है. साथ ही अंडों का निर्यात भी रुक गया है, जिससे कीमतें गिरने की आशंका है. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के कारण गैस सप्लाई की समस्या भी पैदा हो गई है. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एक मंत्रियों की समिति बनाई है, जो इन चुनौतियों पर काम करेगी.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि चल रहे युद्ध की वजह से कृषि निर्यात प्रभावित हो रहा है, जिससे किसान और उत्पादक परेशान हैं. उन्होंने कहा कि रायलसीमा से दुबई और खाड़ी देशों को जाने वाले केले के निर्यात में समस्या आई है और अंडों का निर्यात भी रुका हुआ है, जिससे कीमतें गिर सकती हैं. उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने मंत्रियों की एक समिति बनाई है, जो समाधान पर काम करेगी.

आम के कारोबार पर पड़ा असर

हालांकि, ईरान-इजरायल जंग के चलते केवल केला ही नहीं, बल्कि आम के कारोबार  पर भी असर पड़ रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते भारत के आम उद्योग पर खतरा मंडराने लगा है. खास कर आंध्र प्रदेश के आम उत्पादक ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. क्योंकि बढ़ते तनाव के चलते चित्तूर के आम पल्प निर्यातक मुश्किल में आ गए हैं. निर्यातकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण नए सौदे और शिपमेंट फिलहाल अनिश्चित समय के लिए रोक दिए गए हैं. इस जलमार्ग के बंद होने से हिंद महासागर और अरब सागर के बीच समुद्री आवाजाही प्रभावित हो गई है. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है कि निर्यात प्रभावित होने से घरेरू मार्केट में आम का स्टॉक ज्यादा हो जाएगा. ऐसे में कीमतों में गिरावट आ सकती है.

इन जिलों के किसानों को ज्यादा नुकासन

बता दें कि तीन दिन पहले ही खबर सामने आई थी कि पश्चिम एशिया  में चल रहे तनाव और युद्ध के कारण दक्षिण भारत में पोल्ट्री सेक्टर प्रभावित हुआ है. इससे अंडे की कीमतें गिर गई हैं. इससे आंध्र प्रदेश के तिरुपति, चित्तूर और अन्नमय्या जिले के पोल्ट्री किसानों को आर्थिक परेशानी हो रही है. चित्तूर क्षेत्र देश में तमिलनाडु के नामक्कल के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादन केंद्र है.

रिटेल मार्केट में अंडे की कीमत लगभग 4.20 रुपये प्रति पीस

पोल्ट्री उद्योग के सूत्रों के अनुसार, भारत रोजाना करीब एक करोड़ अंडे यूएई, ओमान, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों को निर्यात करता है. लेकिन युद्ध के कारण खाड़ी देशों के आयातकों ने पिछले सप्ताह भारत से अंडे के ऑर्डर रद्द कर दिए हैं, जिससे मध्य पूर्व निर्यात पूरी तरह रुका है. इस वजह से जहाज और हवाई मार्गों में देरी के चलते अंडे का निर्यात धीमा हो गया और देश के घरेलू बाजार में अंडों की अधिकता  हो गई. इसका असर अंडे की कीमतों पर पड़ा. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमिटी के अनुसार अंडे की कीमत लगभग 4.20 रुपये प्रति अंडा हो गई है, जबकि कई थोक बाजारों में यह 3.30 रुपये से 3.50 रुपये प्रति अंडा रह गई है.

Published: 14 Mar, 2026 | 11:30 PM

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