हरियाणा के किसान बुढ़ापे में पेंशन पाने के लिए आगे.. बिहार दूसरे नंबर पर, हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये

Kisan Pension Scheme : प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में किसानों की भागीदारी के मामले में हरियाणा सबसे आगे है, जबकि बिहार और झारखंड भी टॉप राज्यों में शामिल हैं. योजना के तहत किसानों को हर महीने 3 हजार रुपये पेंशन के रूप में दिए जाते हैं.

नोएडा | Updated On: 12 Sep, 2026 | 12:06 PM

PM Kisan Mandhan Yojana Benefits: किसानों को बुढ़ापे में पेंशन देने के लिए केंद्र सरकार पीएम किसान मानधन योजना (PM-KMY) योजना चला रही है. यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है. इसका उद्देश्य किसानों को 60 साल की उम्र के बाद नियमित आय का सहारा देना है. योजना में शामिल किसान को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलती है. योजना का लाभ पाने के लिए सबसे ज्यादा जुड़ने वाले किसान हरियाणा से हैं, दूसरे नंबर पर बिहार है. उसके बाद झारखंड और उत्तर प्रदेश हैं.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ पाने के लिए बड़ी संख्या में किसान जुड़ रहे हैं. योजना के तहत 6 फरवरी 2026 तक देशभर में कुल 24,96,252 किसान नामांकित हो चुके हैं. योजना के तहत किसानों को 60 वर्ष की उम्र तक हर महीने कम से 55 रुपये और अधिकतम 200 रुपये जमा करने होते हैं. उसके बाद आजीवन किसान को हर महीने 3 हजार रुपये पेंशन दी जाती है.

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में किसानों की भागीदारी के मामले में हरियाणा सबसे आगे है, जबकि बिहार और झारखंड भी टॉप राज्यों में शामिल हैं. किसान नामांकन के मामले में हरियाणा 5,74,510 किसानों के साथ पहले स्थान पर है. इसके बाद बिहार में 3,46,326 और झारखंड में 2,53,459 किसान नामांकित हैं. यानी इन तीन राज्यों में ही कुल 12,74,295 किसान योजना से जुड़ चुके हैं, जो तस्वीर में दिए कुल नामांकन का करीब आधा है.

किसानों के नामांकन में सबसे फिसड्डी ये 3 राज्य

योजना के तहत सबसे ज्यादा किसानों के नामांकन वाले राज्यों की टॉप-10 सूची में सबसे कम नामांकन महाराष्ट्र में 80,769 किसानों का हो सका है. इसके ऊपर तमिलनाडु में 1,10,669 और मध्य प्रदेश में 1,17,738 किसान नामांकित हैं. इन तीनों राज्यों का संयुक्त नामांकन 3,09,176 किसान है. वहीं, सूची में उत्तर प्रदेश चौथे नंबर पर है, छत्तीसगढ़ पाचवें, ओडिशा छठे और जम्मू कश्मीर सातवें स्थान पर है.

पीएम किसान मानधन योजना की पात्रता शर्तें

पीएम किसान मानधन योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसान शामिल हो सकते हैं और किसान की उम्र के हिसाब से मासिक अंशदान तय होता है. सरकार भी किसान के बराबर राशि का योगदान करती है. किसान के पास 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन होनी चाहिए. आवेदन के लिए आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूरी होती है. योजना में शामिल किसान को 60 वर्ष की उम्र तक नियमित अंशदान करना होता है. यह योजना स्वैच्छिक है, यानी किसान अपनी इच्छा से इसमें शामिल होता है.

बिहार सीएम ने किसानों को मिल रहे लाभ पर खुशी जताई

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे किसानों का सुरक्षित भविष्य ही समृद्ध भारत की नींव है. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) छोटे और सीमांत किसानों को उनके बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देकर सशक्त बना रही है. देश भर में 24.96 लाख से अधिक किसानों के जुड़ने के साथ, यह योजना एक सार्थक बदलाव ला रही है. अकेले बिहार में ही 3,46,326 किसानों को इसका लाभ मिला है, जो हमारे अन्नदाताओं के कल्याण और सम्मान के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

Published: 12 Sep, 2026 | 12:01 PM

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