सरकार ने किसानों के खाते में भेजे 28 करोड़ रुपये, उठान नहीं होने से रुकी राशि 48 घंटे में देने के निर्देश

Madhya Pradesh Wheat Payment: मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं किसानों के खाते में राशि का भुगतान कर दिया है. हालांकि, 10 लाख क्विंटल गेहूं का उठान नहीं होने से कई किसानों का भुगतान रुक गया है, लेकिन उसे भी 48 घंटे के अंदर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.

नोएडा | Published: 16 Apr, 2026 | 04:31 PM

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के खाते में 28 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. राज्य के कृषि विभाग के अनुसार यह राशि गेहूं खरीद के एवज में भुगतान की गई है. राज्य सरकार ने सर्वाधिक एमएसपी 𝟐𝟔𝟐𝟓 प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से भुगतान किया गया है. वहीं, कई किसानों की खरीद हो गई है और उठान नहीं होने से भुगतान रोका गया है, उनकी राशि भी 48 घंटे के भीतर जारी कर दी जाएगी.

मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने गेहूं खरीद को लेकर ताजा आंकड़े जारी कर दिए हैं. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सभी संभागों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू कर दी गई है. अभी तक 𝟐 लाख 𝟓𝟖 हजार 𝟔𝟒𝟒 किसानों से 𝟏 करोड़ 𝟏𝟑 लाख 𝟗𝟓 हजार 𝟒𝟎𝟕 क्विंटल गेहूं के खरीद के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं. किसान गेहूं बिक्री के लिये 𝟐𝟒 अप्रैल 𝟐𝟎𝟐𝟔 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं. खरीदी के लिये 𝟑𝟏𝟕𝟏 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं.

किसानों के खाते में ट्रांसफर किए 28 करोड़ रुपये

कृषि विभाग ने कहा है कि अब तक किसानों से 𝟏𝟖.𝟗𝟕 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है. गेहूं खरीद के एवज में किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में कर दिया गया है. खरीदे गए कुल गेहूं में से से 𝟖 लाख 𝟔𝟓 हजार 𝟔𝟎𝟎 क्विंटल गेहूं का खरीद केंद्रों से उठान किया जा चुका है. जबकि, 10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो गई है लेकिन उठान नहीं होने से किसानों का भुगतान रुका है. यह रुकी राशि 48 घंटे में या उपज उठान होते ही किसानों के खाते में जारी कर दी जाएगी.

गेहूं का सबसे ज्यादा भाव दे रहा मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार रबी मार्केटिंग सीजन 𝟐𝟎𝟐𝟔-𝟐𝟕 में किसानों से 𝟐𝟔𝟐𝟓 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीद कर रही है. इसके अलावा राज्य सरकार ने 𝟒𝟎 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि घोषित की है. वहीं, 𝟐𝟓𝟖𝟓 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है. मध्य प्रदेश वर्तमान सीजन के लिए गेहूं का सबसे ज्यादा भाव देने वाला राज्य बन गया है.

गेहूं खरीद आंकड़े.

गेहूं खरीद के लिये बारदाना की व्यवस्था पूरी

खरीदे गए गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का इस्तेमाल किया जा रहा है. समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की गई है. गेहूं खरीद केंद्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है. केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं.

Topics: