महाराष्ट्र में प्याज की कीमत धड़ाम, 5 लाख से अधिक किसानों को नुकसान.. जानें ताजा मंडी भाव

नासिक में प्याज के दाम 800 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरने से 5 लाख किसान प्रभावित हुए हैं. निर्यात बाधा, बढ़ी शिपिंग लागत और कम मांग से संकट गहरा गया है. सरकार NCCF-NAFED के जरिए खरीद कर सकती है, जबकि किसान राहत की मांग कर रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 17 Apr, 2026 | 02:51 PM

Onion Price Fall: महाराष्ट्र के नासिक में प्याज के थोक दामों में भारी गिरावट आने से किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है. कई किसान लागत से कम कीमत पर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं, जबकि कुछ किसान दाम बढ़ने की उम्मीद में फसल रोककर बैठे हैं. कहा जा रहा है कि कीमतों में गिरावट आने से केवल नासिक जिले में 5 लाख से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं. मौजूता वक्त में जिले की 17 APMC मंडियों समेत एशिया की सबसे बड़ी लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरकर पहुंच गया है. ये गिरावट किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है और उनकी आय पर सीधा असर डाल रही है.

हालांकि, व्यापारी और निर्यातक प्याज के दामों में गिरावट की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई रुकावट को बता रहे हैं. उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद निर्यात पर असर  पड़ा है, जिससे कई देशों में मांग घट गई है. निर्यातक विकास सिंह ने ‘हिन्दुसतान टाइम्स’ को बताया कि ईरान, इराक, कुवैत, यूएई और ओमान जैसे देशों में प्याज का निर्यात लगभग बंद हो गया है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, बांग्लादेश, जो पहले रोजाना करीब 150 ट्रक प्याज आयात करता था, उसने पिछले दो वर्षों में खरीद कम कर दी है. इससे मांग और घट गई है. निर्यातक मनोज जैन के अनुसार, युद्ध की स्थिति ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है.

महाराष्ट्र में प्याज के थोक दाम का साप्ताहिक विश्लेषण (Source- Agmarknet)

जिला कीमत (16–23 अप्रैल 2026) ₹/क्विंटल कीमत (9–15 अप्रैल 2026) ₹/क्विंटल कीमत (16–23 मार्च 2026) ₹/क्विंटल कीमत (16–23 अप्रैल 2025) ₹/क्विंटल साप्ताहिक बदलाव मासिक बदलाव
अहमदनगर 735.72 822.28 763.92 919.68 ↓ 10.5% ↓ 3.7%
अकोला 800.00 800.00 882.95 942.09 ↓ 10.5% ↓ 9.4%
अमरावती 800.00 1,004.93 1,355.97 837.60 ↓ 10.5% ↓ 9.4%
नागपुर 1,159.84 1,230.47 1,178.44 1,223.00 ↓ 5.7% ↓ 1.6%
नासिक 1,001.05 1,086.95 858.64 1,145.96 ↓ 7.9% ↑ 16.6%
पुणे 875.24 966.41 933.43 1,122.41 ↓ 9.4% ↓ 6.2%

प्याज निर्यात की लागत बढ़ गई

निर्यातक मनोज जैन का कहना है कि निर्यात लागत बढ़ने से प्याज का कारोबार मुश्किल हो गया है. उनके अनुसार, पहले जहां एक कंटेनर की शिपिंग लागत  500- 800 डॉलर थी, वह अब बढ़कर 6,500 डॉलर से ज्यादा हो गई है. इतनी लागत में निर्यात करना अब जोखिम भरा हो गया है. पहले जो प्रीमियम प्याज 20 रुपये प्रति किलो तक बिकता था, वह अब मंडियों में 10 रुपये प्रति किलो से भी कम दाम पर बिक रहा है. कीमतें गिरने के कारण लासलगांव APMC में रोजाना आवक भी घटकर 13,000-14,000 क्विंटल रह गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह 30,000 क्विंटल तक होती है. कई किसान रबी (गर्मी) प्याज की फसल को अभी रोककर रख रहे हैं, क्योंकि इसकी स्टोरेज क्षमता 6-8 महीने होती है और वे बेहतर दाम की उम्मीद कर रहे हैं.

अधिकारियों के अनुसार, नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) जल्द ही करीब 2 लाख क्विंटल प्याज की खरीद कर सकते हैं, ताकि बफर स्टॉक बनाया जा सके. एक वरिष्ठ APMC अधिकारी ने कहा कि किसान उम्मीद कर रहे हैं कि इससे बाजार में दामों में सुधार आएगा.

किसान नेताओं ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की

किसान नेताओं ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग  की है. उनका कहना है कि मौजूदा दामों पर प्याज बेचने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए सरकार को आर्थिक मदद देनी चाहिए. वहीं, दिग्गज नेता छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर किसानों के लिए राहत की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द मदद देनी चाहिए और वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे.

 

Published: 17 Apr, 2026 | 02:38 PM

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