Maharashtra Onion News: महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी है. मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस की सरकार किसानों की मदद और प्याज की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सोलर ऊर्जा से चलने वाली प्याज प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बना रही है. राज्य के मार्केटिंग और प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल ने कहा है कि सरकार प्याज प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देगी, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके और उपभोक्ताओं को भी स्थिर कीमतों पर प्याज उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकता है.
मंत्री जयकुमार रावल ने ‘मिड -डे’ मीडिया से कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उदेश किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है. सरकार को उम्मीद है कि उसकी इस योजना से किसानों को सीधा फायदा होगा. प्याज की क्वालिटी में निखार आएगा. इससे प्याज किसानों को मार्केट में उनके उत्पाद का बेहतर रेट मिलेगा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश में सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है. यहां उत्पादित 70 फीसदी प्याज देश में खपत हो जाता है. जबकि लगभग 30 फीसदी उत्पादन अतिरिक्त बच जाता है, जिसका विदेशों में निर्यात किया जाता है.
प्याज से बनाए जाएंगे फूड प्रोडक्ट्स
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि अतिरिक्त प्याज को खराब होने से बचाने के लिए उसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स जैसे प्याज पाउडर और चिप्स में बदलना जरूरी है, जिन्हें देश और विदेश दोनों बाजारों में बेचा जा सकता है. उन्होंने राज्यभर में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने पर जोर दिया. साथ ही, उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को शामिल करने की जरूरत बताई, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और ग्रामीण समुदाय मजबूत होंगे. यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद करेगी.
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क्यों गिर जाते हैं प्याज के रेट
जयकुमार रावल ने भरोसा जताया कि ऐसे उद्योग किसानों को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ाएंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि ज्यादा उत्पादन होने पर प्याज के दाम गिर जाते हैं, जिससे किसानों को नुकसान होता है, जबकि कीमत बढ़ने पर उपभोक्ता परेशान होते हैं. ऐसे में अतिरिक्त प्याज को प्रोसेस करना दोनों समस्याओं का संतुलित समाधान हो सकता है.
विस्तृत और ठोस योजना तैयार करने के निर्देश
बैठक में S4S टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधियों ने इस प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी दी. रावल ने सुझाव दिया कि इस प्रोजेक्ट की प्रोसेसिंग क्षमता ज्यादा होनी चाहिए, ताकि अधिक किसानों को लाभ मिल सके. उन्होंने बेहतर कार्यक्षमता और पर्यावरण के लिए सोलर तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया. साथ ही अधिकारियों को इस योजना को लागू करने के लिए एक विस्तृत और ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
बफर स्टॉक के लिए शुरू होगी प्याज की खरीदी
वहीं, बीते दिनों खबर आई थी कि केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए इस साल खरीदी जल्द शुरू करने का फैसला किया है. सरकार 2026-27 सीजन के लिए बफर स्टॉक की खरीद अप्रैल के आखिरी हफ्ते तक शुरू करने जा रही है. इसका मकसद रबी फसल के दौरान बाजार हस्तक्षेप करना और कीमतों के अचानक बढ़ने से रोकना है. खास बात यह है कि इस साल 2 लाख टन प्याज खरीद का लक्ष्य तय किया गया है. यह फैसला कंज्यूमर अफेयर्स विभाग द्वारा आयोजित मंत्री समूह की बैठक में लिया गया है.