किसानों से एक लाख टन चना खरीद को मंजूरी, बढ़े MSP भाव के रूप में मिलेंगे 595 करोड़.. रकबा रिकॉर्ड के पार

इस बार रबी सीजन में चना की खेती का रकबा राष्ट्रीय स्तर पर 5 फीसदी बढ़कर 95.87 लाख हेक्टेयर हो गया है. चने के रकबे में यह बढ़ोतरी राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में हुई है. इसको देखते हुए केंद्र ने बढ़े हुए एमएसपी पर चना की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है.

नई दिल्ली | Updated On: 26 Jan, 2026 | 01:09 PM

रबी सीजन की प्रमुख फसलों में शामिल चना की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी गई है. केंद्र सरकार ने चना के एमएसपी में भी बढ़ोत्तरी की है और 2025-26 सीजन में चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 210 रुपये बढ़ाकर 5650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. इसी भाव से किसानों से चना की खरीद की जाएगी. वहीं, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर चने का रकबा नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया है और उत्पादन का भी रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से कर्नाटक सरकार की मांग को पूरी करते हुए चना खरीद को मंजूरी दे दी है. केंद्र ने कर्नाटक के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1.01 लाख टन चने (चना की दाल) की खरीद को स्वीकृति दी है. इस फैसले से कर्नाटक के कई लाख चना किसानों को अपनी उपज के लिए सही दाम मिलने और समय पर बिक्री होने का रास्ता साफ हो गया है. वहीं, राज्य सरकार ने चना खरीद को लेकर तैयारियों के निर्देश दिए हैं.

किसानों से चने का दाना दाना खरीदेगी राज्य सरकार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हाल ही में बेंगलुरू में थे और तब उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनके मंत्रालय ने कर्नाटक में 595.37 करोड़ रुपये की कीमत के 1.13 लाख टन चना की खरीद को मंजूरी दी है. उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की मदद के लिए मंजूर की गई पूरी मात्रा में चने की खरीद करने को कहा है. उन्होंने राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य ने 2024-25 सीजन के दौरान मंजूर की गई 3 लाख टन मात्रा की तुलना में कम 2.16 लाख टन ही खरीद की थी.

कर्नाटक में चना की खेती का रकबा 3 लाख हेक्टेयर बढ़ा

कर्नाटक में चना (बंगाल चना) की खेती का रकबा इस सीजन में तेजी से बढ़ा है. मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने बताया कि रबी सीजन में किसानों ने चना की खेती लगभग 9.2 लाख हेक्टेयर भूमि पर की है. जो बीते सालों की तुलना में 3 लाख हेक्टेयर से अधिक है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि इस बार 6.2 लाख टन से ज्यादा उत्पादन होगा. बता दें कि दलहन मिशन के तहत राज्य में किसानों को चना समेत अन्य दालों की बुवाई के लिए प्रेरित किया गया है.

देशभर में किसानों ने इस बार जमकर चने की बुवाई की

रबी सीजन में चना की खेती का रकबा राष्ट्रीय स्तर पर 5 फीसदी बढ़कर 16 जनवरी तक 95.87 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 91.22 लाख हेक्टेयर था. चने के रकबे में यह बढ़ोतरी राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में हुई है. राजस्थान में चने का रकबा बढ़कर 20.58 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल 16.55 लाख हेक्टेयर था. मध्य प्रदेश में 15.54 लाख हेक्टेयर रकबा है जो बीते साल 13.54 लाख हेक्टेयर था. हालांकि, महाराष्ट्र में इस सीजन चने का रकबा घटकर 25.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 28.73 लाख हेक्टेयर था.

केंद्र सरकार ने चना का भाव 210 रुपये बढ़ाया

इस बार रबी सीजन में चने का रकबा बढ़ने की सबसे बड़ी न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी का ऐलान रहा है. बुवाई से पहले केंद्र सरकार ने अक्तूबर में रबी फसलों का एमएसपी जारी किया था. केंद्र सरकार ने रबी 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5875 तय किया है. जो बीते साल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की तुलना में 210 रुपये बढ़ाया गया है. बढ़े हुए एमएसपी का लाभ लेने और दलहन मिशन के तहत प्रोत्साहन के चलते किसानों ने जमकर चने की खेती की है.

Published: 26 Jan, 2026 | 01:08 PM

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