तमिलनाडु में सोसाइटी के जरिये आलू की बिक्री, किसानों की हो रही बंपर कमाई..अब तक 57 करोड़ की सेलिंग
चूंकि आलू की बिक्री नीलामी के माध्यम से सीधे होती है और बीच में कोई दलाल नहीं होता, किसानों को एजेंट को कमीशन देने की जरूरत नहीं होती. किसान नीलामी होने से पहले ही अपने आलू के खिलाफ लोन ले सकते हैं. सोसाइटी चौबीसों घंटे आलू की डिलीवरी की सुविधा देती है और किसानों के ठहरने के लिए कमरे भी उपलब्ध कराती है, जिसकी कीमत सिर्फ 200 रुपये प्रति दिन है.
Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के मेट्टुपालयम में स्थित नीलगिरीज को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी की शाखा में पिछले 10 महीनों में कुल 21,000 टन ऊटी आलू की बिक्री हुई, जिसकी कीमत 57.58 करोड़ रुपये बताई गई है. यह शाखा कार्यालय 1935 से मेट्टुपालयम के नेल्लिथुरई रोड पर काम कर रहा है. किसानों से नीलामी कराने के लिए 7 फीसदी सेवा शुल्क लिया जाता है. व्यापारी इन आलुओं को घरेलू बाजार में बेचने के साथ मालदीव और श्रीलंका जैसे देशों में भी निर्यात करते हैं. इसके अलावा आलू अंडमान द्वीपसमूह में भी भेजे जाते हैं.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चूंकि आलू की बिक्री नीलामी के माध्यम से सीधे होती है और बीच में कोई दलाल नहीं होता, किसानों को एजेंट को कमीशन देने की जरूरत नहीं होती. किसान नीलामी होने से पहले ही अपने आलू के खिलाफ लोन ले सकते हैं. सोसाइटी चौबीसों घंटे आलू की डिलीवरी की सुविधा देती है और किसानों के ठहरने के लिए कमरे भी उपलब्ध कराती है, जिसकी कीमत सिर्फ 200 रुपये प्रति दिन है. इन सुविधाओं के कारण, नीलगिरीज के आलू किसान खुले बाजार की तुलना में इस को-ऑपरेटिव सोसाइटी में बेचने को प्राथमिकता देते हैं. थुनेरी के आलू किसान एस. सरवनकुमार के अनुसार, जिले के करीब 90 फीसदी आलू किसान अपनी पैदावार इसी सोसाइटी के माध्यम से बेचते हैं, क्योंकि यहां लेनदेन पूरी तरह पारदर्शी होता है.
15,436 टन आलू की बिक्री हुई
2021-22 में नीलगिरीज से 15,436 टन आलू की बिक्री हुई, जिसकी कीमत 37 करोड़ रुपये रही. 2022-23 में 13,089 टन आलू 32 करोड़ रुपये में बिका. 2023-24 में बिक्री बढ़कर 21,750 टन और 56 करोड़ रुपये हो गई, जबकि 2024-25 में 20,890 टन आलू 75 करोड़ रुपये में बिका. इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में, 31 जनवरी तक 21,781 टन आलू 57.59 करोड़ रुपये में बिक चुके हैं.
सोसाइटी में रोज नीलामी के जरिए बेचा जाता है आलू
नीलगिरीज जिले में उगाए गए आलू को इस सोसाइटी में रोज नीलामी के जरिए बेचा जाता है. उदगमंडलम के डिप्टी रजिस्ट्रार और मैनेजिंग डायरेक्टर डी. मुथुकुमार के अनुसार, मेट्टुपालयम में यह सोसाइटी आलू के व्यावसायिक व्यापार को सरल बनाने के लिए स्थापित की गई थी. पीक सीजन में कुनूर, कोटागिरी और केट्टी सहित 100 से ज्यादा किसान रोजाना आलू लेकर आते हैं और बिना मध्यस्थ के सीधे बेचते हैं. बिक्री से पहले आलू का आकार और रंग देखकर ग्रेडिंग की जाती है. चूंकि यह शाखा केवल आलू के कारोबार पर केंद्रित है, इसलिए किसानों में इसका विश्वास और समर्थन मजबूत है. पिछले साल 7,906 किसानों की तुलना में इस साल पहले 10 महीनों में 8,153 किसान अपनी पैदावार मेट्टुपालयम लाए हैं.