गेहूं किसानों को बड़ा तोहफा! 2,700 रुपये क्विंटल पर खरीद, कर्ज चुकाने की तारीख भी बढ़ी
Wheat Procurement MP: मध्य प्रदेश के गेहूं किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगामी सीजन में किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का ऐलान किया है. इसके साथ कृषि लोन चुकाने की समय सीमा बढ़ाकर जून-जुलाई कर दी गई है.
MP Wheat MSP 2026: मध्य प्रदेश के गेहूं किसानों के लिए आगामी सीजन में बड़ी राहत की खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि प्रदेश में किसानों से गेहूं की सरकारी खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की जाएगी. मुख्यमंत्री ने सोमवार को दतिया में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर किसानों के लिए सरकार की योजनाओं और आगामी सीजन की तैयारियों की जानकारी दी. सरकार के इस ऐलान से उन किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अपनी गेहूं की फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचते हैं.
2,700 रुपये क्विंटल पर खरीदा जाएगा गेहूं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले गेहूं खरीद सीजन में किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा. सरकार का मकसद किसानों को उनकी उपज का बेहतर भाव दिलाना और खेती से होने वाली आमदनी को मजबूत करना है. गेहूं मध्य प्रदेश की प्रमुख फसलों में शामिल है. ऐसे में सरकारी खरीद का भाव किसानों के लिए काफी अहम माना जाता है. इससे किसानों को फसल बेचने से पहले एक तय बाजार संकेत भी मिलेगा.
कृषि लोन चुकाने के लिए मिली अतिरिक्त मोहलत
किसानों को गेहूं के भाव में राहत देने के साथ ही सरकार ने कृषि लोन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसानों को बिना ब्याज वाला कृषि लोन चुकाने के लिए अब पहले से ज्यादा समय मिलेगा. पहले किसानों को 31 मार्च तक अपना कृषि लोन जमा करना होता था. अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर जून-जुलाई तक कर दी गई है. इससे किसानों को फसल बेचकर पैसे जुटाने और अपनी आमदनी मिलने के बाद कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा.
गेहूं और चने की सिंचाई के लिए दिन में बिजली
सिंचाई की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि गेहूं और चने की फसल में सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसानों को खेतों में पानी देने के लिए रात में परेशान न होना पड़े.
इस साल 104 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुई गेहूं खरीद का आंकड़ा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि इस साल मध्य प्रदेश में कुल 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है. वहीं, धान की पैदावार में भी सुधार देखने को मिला है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में धान की औसत उत्पादकता पहले करीब 32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, जो अब बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है.
जमीन न बेचने की किसानों से अपील
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपनी कृषि जमीन नहीं बेचने की अपील की. उन्होंने कहा कि आने वाला समय किसानों के लिए बेहतर हो सकता है. ऐसे में खेत बेचने के बजाय खेती में नए तरीके और आधुनिक तकनीक अपनाकर कमाई बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने किसानों से सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर न रहने की भी सलाह दी. इसके साथ पशुपालन, दूध का कारोबार और बागवानी जैसी गतिविधियों को अपनाकर आमदनी के दूसरे साधन बनाने पर भी जोर दिया.
खेती के साथ दूसरे कामों से बढ़ाएं आमदनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अगर खेती के साथ पशुपालन, डेयरी और उद्यानिकी को भी जोड़ते हैं तो उनकी आय के अलग-अलग स्रोत बन सकते हैं. इससे किसी एक फसल के भाव या मौसम पर पूरी तरह निर्भरता कम की जा सकती है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान की पढ़ाई कर रहे युवा किसान हरिमोहन राजपूत से भी बातचीत की और खेती को लेकर उनके अनुभव जाने. उन्होंने अन्य किसानों को भी नई तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.