मक्का किसानों को राहत! नवंबर में 2400 रुपये तक मिल सकता है भाव, इस विश्वविद्यालय ने जारी किया अनुमान

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने अनुमान जताया है कि अक्टूबर-नवंबर 2026 में अच्छी गुणवत्ता वाले मक्का का फार्मगेट भाव 2,200-2,400 रुपये प्रति क्विंटल रह सकता है. यह अनुमान MSP 2,410 रुपये के करीब है. अल नीनो और कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जबकि पशु चारा, एथेनॉल और उद्योगों में मांग बढ़ रही है.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Jul, 2026 | 09:00 AM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने मक्का किसानों के लिए कीमतों का अनुमान जारी किया है. विश्वविद्यालय के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर 2026 में फसल कटाई के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाले मक्का का खेत स्तर (फार्मगेट) पर भाव 2,200 से 2,400 रुपये प्रति क्विंटल रह सकता है. यह अनुमान टीएनएयू के सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट स्टडीज (CARDS) ने अपनी प्राइस फोरकास्टिंग स्कीम के तहत लगाया है. इसके लिए उदुमलपेट कृषि उपज मंडी (APMC) में पिछले 15 वर्षों के मक्का के भाव का विश्लेषण किया गया है. विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे इसी अनुमान को ध्यान में रखकर बुवाई और फसल की योजना बनाएं.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक,  केंद्र सरकार ने 2026-27 खरीफ विपणन सीजन के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य  (MSP) 2,410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. टीएनएयू का अनुमान भी लगभग इसी स्तर के आसपास है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में करीब 1.07 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की जाती है और इसका अनुमानित उत्पादन 5.51 करोड़ टन है.

अल नीनो के असर से दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बार अल नीनो के असर से दक्षिण-पश्चिम मानसून  सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है. इसका असर कर्नाटक, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख मक्का उत्पादक राज्यों के उत्पादन पर पड़ सकता है. विश्वविद्यालय के अनुसार, हालांकि उत्पादन पर मौसम का असर पड़ने की आशंका है, लेकिन पिछले साल की अच्छी पैदावार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों का भी मक्का के कारोबार और निर्यात पर असर पड़ रहा है. इन कारणों से बाजार में कीमतों की स्थिति बदल सकती है.

5.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती

टीएनएयू के मुताबिक, तमिलनाडु देश के प्रमुख मक्का उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में करीब 5.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती  होती है और सालाना उत्पादन लगभग 33 लाख टन है. सलेम, नमक्कल, डिंडीगुल, पेरम्बलूर, अरियालूर, विल्लुपुरम और तिरुप्पुर मक्का उत्पादन के प्रमुख जिले हैं. विश्वविद्यालय ने बताया कि तमिलनाडु अपनी जरूरत का केवल करीब 50 प्रतिशत मक्का ही खुद पैदा करता है, जबकि बाकी मक्का दूसरे राज्यों से आता है. ऐसे में यदि मानसून कमजोर रहता है तो राज्य में मक्का की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

कुछ वर्षों में मक्का का महत्व तेजी से बढ़ा है

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मक्का का महत्व तेजी से बढ़ा है. इसकी वजह पशु चारा उद्योग, विभिन्न औद्योगिक उपयोग, राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत एथेनॉल उत्पादन और बायोप्लास्टिक बनाने में मक्का की बढ़ती मांग है. विश्वविद्यालय का कहना है कि पोषण के साथ-साथ व्यावसायिक दृष्टि से भी मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि आने वाले समय में मक्का किसानों के लिए यह फसल बेहतर आय का विकल्प बन सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़