प्याज का रेट इतना कम ! 30 क्विंटल बेचने पर मिले केवल 500 रुपये.. अब MSP की उठी मांग
महाराष्ट्र में प्याज किसानों को इस बार भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. बेमौसम बारिश, कमजोर निर्यात और बाजार में गिरते दामों के कारण कई मंडियों में प्याज 1 रुपये किलो तक बिक रहा है. किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं और अब प्याज को MSP के दायरे में लाने की मांग तेज हो गई है.
Onion Mandi Bhav: महाराष्ट्र के प्याज किसानों पर इस बार मौसम और बाजार दोनों की मार पड़ी है. पहले बेमौसम बारिश और खराब मौसम ने फसल को नुकसान पहुंचाया, फिर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर बाजार पर पड़ा. इसका नतीजा यह हुआ कि प्याज के दाम अचानक गिर गए और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. नासिक, सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर समेत कई जिलों की APMC मंडियों में प्याज के दाम लागत से भी नीचे पहुंच गए हैं. कई मंडियों में किसानों को 1 रुपये किलो भाव मिल रहा है. ऐसे में किसान उपज बेचने के बावजूद खाली हाथ वापस लौट रहे हैं. वहीं, एक किसानों को 30 क्विंटल प्याज बेचने पर सारा खर्च काटने के बाद व्यापारी से केवल 500 रुपये मिले.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक जिले की सतना APMC मंडी में किसान जितेंद्र सोलंके 30 क्विंटल प्याज लेकर पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि फसल बेचकर कम से कम लागत का कुछ पैसा वापस मिल जाएगा. लेकिन मंडी ने शुरुआत में सिर्फ 50 रुपये प्रति क्विंटल का भाव लगाया. विरोध करने पर कीमत बढ़ाकर 175 रुपये प्रति क्विंटल यानी करीब 1.75 रुपये प्रति किलो कर दी गई. इसके बावजूद किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
प्याज की खेती पर प्रति क्विंटल खर्च
सोलंके ने कहा कि एक क्विंटल प्याज उगाने में करीब 1,200 रुपये खर्च हुए थे, लेकिन बिक्री, मजदूरी और परिवहन का खर्च निकालने के बाद उनके हाथ में सिर्फ 500 रुपये ही बचे. इससे उन्हें करीब 36 हजार रुपये का नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में प्याज किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. बीज, खाद, डीजल, मशीन और मजदूरी की लागत तेजी से बढ़ गई है, लेकिन बाजार में प्याज के दाम बहुत कम हो गए हैं.
1,500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजे की मांग
अब किसान संगठन प्याज को MSP के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए. साथ ही महाराष्ट्र सरकार से खराब दामों पर हुई बिक्री के बदले 1,500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की मांग भी की जा रही है. किसानों का कहना है कि फरवरी से ही प्याज के दाम लगातार गिर रहे हैं. लासलगांव APMC, जो देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी मानी जाती है, वहां इस समय प्याज 400 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है. वहीं मंडी में आने वाले करीब 80 प्रतिशत प्याज को 800 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम भाव मिल रहा है.
सोलापुर APMC में क्या है प्याज का रेट
सोलापुर APMC में 13 मई को करीब 14,756 क्विंटल प्याज की आवक हुई. यहां प्याज के दाम 100 रुपये से 1,700 रुपये प्रति क्विंटल यानी 1 से 17 रुपये प्रति किलो तक रहे. जबकि पिछले साल इसी समय प्याज 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था. किसानों का कहना है कि उन्हें लागत निकालने के लिए कम से कम 18 रुपये प्रति किलो का भाव चाहिए.
बेमौसम बारिश से प्याज की फसल को नुकसान
महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि करीब 80 फीसदी प्याज 400 से 800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक रिकॉर्ड आवक, घरेलू मांग में कमी, निर्यात में कमी और बारिश से खराब हुई फसल के मंडियों में पहुंचने से प्याज के दाम बुरी तरह टूट गए हैं. वहीं 19 से 21 मार्च के बीच हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. नासिक जिले में गर्मी के प्याज की कटाई शुरू होते ही बारिश होने लगी, जिससे फसल खराब हो गई और भंडारण के दौरान प्याज सड़ने लगा.