1 रुपये किलो प्याज, 12 क्विंटल बेचने पर भी किसान को नहीं हुआ फायदा.. खाली हाथ लौटा घर
महाराष्ट्र में प्याज किसानों की हालत खराब हो गई है. कई मंडियों में प्याज का भाव 50 पैसे से 1 रुपये प्रति किलो तक गिर गया है. पैठण के किसान प्रकाश गलधर को प्याज बेचने के बाद भी घाटा उठाना पड़ा. बेमौसम बारिश और कम निर्यात मांग ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
Onion Mandi Rate: महाराष्ट्र में प्याज किसानों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है. हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक किसान सरकारी मंडी में प्याज बेचने गया, लेकिन कमाई करने के बजाय उसे अपनी जेब से पैसे देने पड़े. पैठण तालुका के वरुडी गांव के किसान प्रकाश गलधर 1,262 किलो प्याज लेकर एपीएमसी मंडी पहुंचे थे. मंडी में उनकी प्याज का भाव सिर्फ 1 रुपये प्रति किलो मिला, जिससे उन्हें कुल 1,262 रुपये की कमाई हुई. लेकिन एपीएमसी मंडी ने किसान से 1,263 रुपये शुल्क वसूल लिया, जबकि उसकी कुल कमाई सिर्फ 1,262 रुपये हुई. यानी प्याज बेचने के बाद भी किसान को घाटा उठाना पड़ा. वे खाली हाथ घर लौट गए.
किसान प्रकाश गलधर ने ‘द प्रिंट’ को बताया कि जब उनकी प्याज की फसल तैयार हुई, तभी गांव में बारिश हो गई, जिससे पूरी फसल खराब हो गई. इसके बाद जब वह प्याज लेकर मंडी पहुंचे तो उन्हें सिर्फ 1 रुपये प्रति किलो का भाव मिला. उन्होंने कहा कि इस हालत से वह पूरी तरह टूट चुके हैं. किसान ने कहा कि महाराष्ट्र में प्याज का रेट काफी गिर गया है. किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. राज्य में ‘रेड गोल्ड’ कहलाने वाले प्याज के दाम कई मंडियों में गिरकर 50 पैसे से 1 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और निर्यात मांग कम होने की वजह से प्याज की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
किसान ने करीब 250 क्विंटल प्याज फेंक दिया
प्याज के दाम गिरने से कई किसान अपनी फसल जलाने या फेंकने को मजबूर हो गए हैं. बेमौसम बारिश और तेज गर्मी ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे कई जगह फसल खराब हो गई या उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई. किसान प्रकाश गलधर ने कहा कि उनकी ज्यादातर प्याज खराब हो गई थी और जो बची थी, उसका भाव सिर्फ 1 से 2 रुपये प्रति किलो मिल रहा था. उन्होंने कहा कि ऐसे में फसल बेचने का कोई फायदा नहीं था, इसलिए उन्होंने करीब 250 क्विंटल प्याज फेंक दिया. गलधर ने अपनी 4.5 एकड़ जमीन में लगभग 450 क्विंटल प्याज की पैदावार ली.
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बारिश से 1.22 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खेती प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से 1.22 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खेती प्रभावित हुई है. नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजीनगर सबसे ज्यादा प्रभावित जिले रहे, जहां खड़ी और कट चुकी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा. जलभराव की वजह से प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की फसल भी खराब हो गई. राज्य कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार इस स्थिति से पूरी तरह वाकिफ है और लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि बाजार में कीमतें मांग और आपूर्ति के हिसाब से तय होती हैं. आने वाले दिनों में हालात की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर फैसला लिया जाएगा.