बारिश से बर्बाद फसल का मुआवजा अगले सप्ताह मिलेगा? पीड़ित किसानों से मिले सिंधिया, सर्वे अंतिम चरण में
Madhya Pradesh Crops Compensation: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से मुलाकात की और प्रशासन को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा देने का निर्देश दिया. उन्होंने प्रभावित खेतों का दौरा किया, फसल के नुकसान का जायजा लिया.
जनवरी के अंतिम सप्ताह में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से कई राज्यों में हजारों एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं. मध्य प्रदेश के अशोक नगर, आगरमालवा, शाजापुर समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है. राज्य में कई सौ एकड़ में आलू, सरसों समेत अन्य फसलें खराब हो गई हैं. अशोकनगर जिले में प्रभावित किसानों से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की और जल्द मुआवजा जारी होने का आश्वासन दिया है. बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर फसल नुकसान का सर्वे और आकलन किया जा रहा है, जो लगभग अंतिम चरण में है.
केंद्रीय मंत्री ने अशोकनगर में बेमौसम बारिश से खराब फसलों को देखा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को अशोकनगर जिले के नरखेड़ा इलाके में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से मुलाकात की और प्रशासन को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा देने का निर्देश दिया. एक आधिकारिक बयान के अनुसार संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के केंद्रीय मंत्री ने प्रभावित खेतों का दौरा किया, फसल के नुकसान का जायजा लिया और किसानों की शिकायतें सुनीं.
तुरंत राहत और मुआवजा जारी करने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आपदा सिर्फ फसलों का नुकसान नहीं है, बल्कि किसानों की कड़ी मेहनत, उम्मीदों और साल भर की मेहनत पर गहरा झटका है. उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित इलाकों का तुरंत सर्वे करने, वास्तविक नुकसान का आकलन करने और योग्य किसानों को तुरंत राहत और मुआवजा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सिंधिया ने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है और इस मुश्किल समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी.
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15 फरवरी तक मुआवजा मंजूर होने की संभावना
बीजेपी सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि सहायता प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होनी चाहिए ताकि किसानों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें. ऐसे में अगले सप्ताह के अंत तक या 15 फरवरी के आसपास राहत राशि को मंजूरी मिलने की संभावना है. वहीं, इससे पहले बीते माह सोयाबीन भावांतर राशि जारी करने के लिए मंदसौर पहुंचे सीएम से किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिया कि उनकी नुकसान हुई फसल का भुगतान सरकार करेगी.
अशोकनगर के नरखेड़ा क्षेत्र में पहुँचकर ओलावृष्टि से प्रभावित अपने अन्नदाताओं से मिला।
यह प्राकृतिक आपदा किसानों की मेहनत, उम्मीद और पूरे साल की तपस्या पर पड़ा आघात है। खेतों में पहुँचकर प्रभावित फसलों का स्थलीय निरीक्षण किया, किसानों से संवाद कर जमीनी हालात की समीक्षा की तथा… pic.twitter.com/WfCPvi5OYI
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) February 4, 2026
आगरमालवा में किसानों की फसलों को नुकसान
आगरमालवा जिले में 27 जनवरी को विभिन्न क्षेत्रों में हुई असमय वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का कल बुधवार को कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान किसानों को परामर्श दिया गया कि वे अपनी प्रभावित फसलों की जानकारी अनिवार्य रूप से 72 घंटे के भीतर फसल बीमा कंपनी को उपलब्ध कराएं, जिससे उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त हो सके. साथ ही किसानों को पीएम फसल बीमा से (PM Fasal Bima Yojana) संबंधित शिकायत एवं सूचना दर्ज कराने हेतु बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क करने के लिए भी अवगत कराया गया.
शाजापुर में फसल बीमा कंपनी को शिकायत दर्ज कराएं किसान
शाजापुर जिले के कलेक्टर ऋजु बाफना ने जिले के समस्त किसानों से अनुरोध किया है कि जिनकी भी फसल प्राकृतिक आपदा अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है, वे होने वाले फसल नुकसान की जानकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत भारतीय फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 या ह्वाट्सऐप चैट नंबर 7065514447 या फिर क्रॉप इंश्युअरेंस ऐप के माध्यम से भी 72 घंटे के अंतराल में अनिवार्य रूप शिकायत दर्ज कराएं. इसके साथ ही शिकायत दर्ज करते समय लगने वाले आवश्यक दस्तावेजों जिनमें किसान की फसल बीमा पॉलिसी नंबर, किसान का आधार कार्ड, किसान का सर्वे नंबर एवं किसान का केसीसी खाता नंबर साथ रखें.