टमाटर-नारियल के दाम उछाल से बिगड़ा किचन का बजट, तेलंगाना में महंगाई से जनता परेशान
तेलंगाना में जून के दौरान टमाटर, नारियल, नींबू और कई अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. CPI के अनुसार 29 वस्तुओं की महंगाई 15 फीसदी से अधिक रही. विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित बागवानी उत्पादन और दूसरे राज्यों पर निर्भरता के कारण राज्य में खुदरा महंगाई और रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है.
Food Inflation: तेलंगाना में महंगाई का असर लोगों की रसोई से लेकर जेवर तक पर साफ दिखाई दे रहा है. जून महीने में टमाटर की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 53 फीसदी बढ़ गईं. वहीं, नारियल 40 फीसदी और नींबू व मौसंबी 32-32 फीसदी महंगे हो गए हैं. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के अनुसार, 29 ऐसे वस्तुएं हैं जिनकी महंगाई दर 15 फीसदी या उससे अधिक रही. सिर्फ फल और सब्जियां ही नहीं, बल्कि सोने और प्लैटिनम के गहनों की कीमतों में भी 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से तेलंगाना में पिछले कुछ महीनों से खुदरा महंगाई देश के सबसे ऊंचे स्तरों में बनी हुई है. अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, राज्य में बागवानी फसलों का सीमित उत्पादन भी फल और सब्जियों के दाम बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तेलंगाना में करीब 10 लाख एकड़ क्षेत्र में बागवानी फसलों की खेती होती है, लेकिन इनमें सब्जियों का रकबा सिर्फ लगभग 1 लाख एकड़ है. यही वजह है कि राज्य को टमाटर, प्याज और दूसरी जरूरी सब्जियों के लिए पड़ोसी राज्यों पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ता है.
सब्जियों की कीमतों पर सीधा असर पड़ा
विशेषज्ञों का कहना है कि जब दूसरे राज्यों में उत्पादन कम होता है या सप्लाई प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर तेलंगाना में सब्जियों की कीमतों पर पड़ता है. इसी कारण मौसम बदलने या आपूर्ति में रुकावट आने पर महंगाई तेजी से बढ़ जाती है. ये आंकड़े उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की संशोधित श्रृंखला का हिस्सा हैं. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) हर महीने घरों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले बदलाव पर नजर रखता है.
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 2024 की नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सीरीज में वस्तुओं और सेवाओं की संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी है. यह बदलाव 2023-24 के घरेलू उपभोग व्यय सर्वे (HCES) के आधार पर किया गया है. नई सीरीज में सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है और कुछ वस्तुओं व सेवाओं के ऑनलाइन दाम भी शामिल किए गए हैं.
अदरक 26 फीसदी महंगा हो गया
तेलंगाना में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. जून में अदरक 26 फीसदी महंगा हो गया. तरबूज, चिकन, खट्टे फल, सूखे फल और फल वाली सब्जियों के दाम 23 फीसदी बढ़े. साथ ही अंगूर 20 फीसदी, नाशपाती 17 फीसदी और अन्य ताजे फल 19 फीसदी महंगे हुए. खाद्य तेलों की कीमतों में भी तेजी बनी रही. वनस्पति तेल 19 फीसदी और रिफाइंड तेल 18 फीसदी महंगा हुआ. वहीं, तेल और वसा (ऑयल्स एंड फैट्स) श्रेणी में कुल महंगाई 18 फीसदी रही. इसके अलावा धनिया, इमली, पान के पत्ते, पालक, दूसरी पत्तेदार सब्जियां, भिंडी और कद्दू के दाम करीब 15 फीसदी बढ़े, जबकि पत्तागोभी 16 फीसदी महंगी हो गई.
घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है
तेलंगाना में जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है. धनिया, अदरक, इमली, पत्तेदार सब्जियां और खाद्य तेल जैसी रोज इस्तेमाल होने वाली चीजें पहले से काफी महंगी हो गई हैं. इसके अलावा ईंधन, स्कूल-कॉलेज आने-जाने का खर्च और पर्सनल केयर उत्पादों पर भी लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.
रोजमर्रा की जरूरी चीजें लगातार महंगी हो रही हैं
हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) टमाटर, खाद्य तेल या सोने जैसी किसी एक वस्तु की कीमत तय नहीं करता. आरबीआई का लक्ष्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर खुदरा महंगाई को 4 फीसदी (2 से 6 फीसदी की सीमा के भीतर) बनाए रखना है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जब रोजमर्रा की जरूरी चीजें लगातार महंगी होती हैं, तो लोगों की महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती है. इसका असर भविष्य में आरबीआई की ब्याज दर और मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों पर भी पड़ सकता है.