उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश से बर्बाद फसल के मुआवजे के रूप में पीएम फसल बीमा की 122 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों के खाते में भेज दी है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसानों को फसल नुकसान की भरपाई का ऐलान किया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ और रबी सीजन के नुकसान की भरपाई की जा रही है. इससे पहले फरवरी में 285 करोड़ रुपये 2.51 लाख से ज्यादा किसानों को भेजे गए थे.
विपरीत मौसम के चलते चौपट हुईं फसलों से किसानों को सुरक्षा देने और उनकी आय स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से योगी सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है. प्रदेश के समस्त जनपदों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और चयनित 60 जनपदों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का लाभ खरीफ 2016 से बीमा कंपनियों के के जरिए दिया जा रहा है.
122.28 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल नुकसान से किसानों को सुरक्षा देने के तहत आज 4 मई को शाम 4 बजे सभी जिलों में जनप्रतिनिधियों के जरिए खरीफ 2025 एवं रबी 2025-26 की फसल क्षतिपूर्ति धनराशि का वितरण कर दिया है. खरीफ सीजन के लिए 105.16 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खाते में भेजा गया है. इसके अलावा रबी 2025-26 मौसम की शेष 17.11 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भी भुगतान कर दिया है. इस प्रकार आज कुल 122.28 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में भेजी गई है.
फरवरी में 2.51 लाख किसानों को मिले थे 285 करोड़
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि खरीफ 2025 मौसम की कुल देय क्षतिपूर्ति 730.04 करोड़ रुपये में से 624.88 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किसानों को किया जा चुका है. वहीं, 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘वन-क्लिक’ के माध्यम से खरीफ 2025 की 285.00 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति 2.51 लाख किसानों को वितरित की गई थी.
किसानों के लिए प्रीमियम की दरें कम रखी गईं
साल 2017-18 से वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक कुल 67.86 लाख किसानों को 5755.68 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में दी जा चुकी है. यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित है, जिसमें खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों, अलसी व आलू को कवर किया गया है. किसानों के लिए प्रीमियम की दरें बेहद किफायती रखी गईं हैं, जिसमें खरीफ फसल हेतु बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी हेतु 1.5 प्रतिशत और वार्षिक नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत की दर निर्धारित है.