प्यार के इजहार पर महंगाई की मार, वैलेंटाइन वीक में गुलाब के रेट हुए बेकाबू…फूल विक्रेता भी परेशान

इस बार वैलेंटाइन वीक फूल विक्रेताओं के लिए खुशी से ज्यादा परेशानी लेकर आया है. देश के कई बड़े शहरों पुणे, लखनऊ, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु और होसुर में गुलाब के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. हालात ऐसे हैं कि ग्राहक कीमत सुनकर चौंक रहे हैं.

नई दिल्ली | Published: 11 Feb, 2026 | 02:19 PM

valentine week: वैलेंटाइन डे आते ही बाजारों में प्यार और रोमांस की रंगत अपने चरम पर पहुंच जाती है. हर गली, हर चौराहे पर लाल गुलाब, रंग-बिरंगे फूल और गिफ्ट्स की रौनक दिखाई देने लगती है. युवा हों या बुजुर्ग, दोस्त हों या परिवार, हर कोई किसी न किसी अपने के लिए गुलाब खरीदता नजर आता है. लेकिन इस बार वैलेंटाइन वीक फूल विक्रेताओं के लिए खुशी से ज्यादा परेशानी लेकर आया है. देश के कई बड़े शहरों पुणे, लखनऊ, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु और होसुर में गुलाब के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. हालात ऐसे हैं कि ग्राहक कीमत सुनकर चौंक रहे हैं और छोटे फूल विक्रेताओं का मुनाफा फूलने की बजाय मुरझा गया है.

अचानक क्यों बढ़ गए गुलाब के दाम

माडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के एफसी रोड स्थित सायली फ्लोरिस्ट राहुल बताते हैं कि जो लाल गुलाब कुछ दिन पहले तक 20 से 30 रुपये में मिल जाता था, वही अब 40 से लेकर 100 रुपये प्रति पीस तक बिक रहा है. उनका कहना है कि वैलेंटाइन वीक और शादी के सीजन की वजह से मांग अचानक बहुत बढ़ गई है, लेकिन सप्लाई उतनी नहीं है. क्वालिटी अच्छी है, पर मात्रा कम होने से दाम तेजी से ऊपर चले गए हैं.

थोक बाजार में हालात और ज्यादा बिगड़े

मुम्बई में 30 साल से फूल बेच रहे राजेश गायकवाड़ कहते हैं कि उन्होंने अपने पूरे कारोबार में ऐसा समय पहले कभी नहीं देखा. उनके अनुसार पहले 20 लाल गुलाब का एक गुच्छा 150 से 200 रुपये में मिल जाता था, लेकिन फरवरी की शुरुआत से यही गुच्छा 600 से 650 रुपये तक पहुंच गया है. रंगीन गुलाबों का गुच्छा तो 800 रुपये तक बिक रहा है.
राजेश कहते हैं, “इतने महंगे दाम पर बेचने के बाद भी मुनाफा नहीं बचता. ग्राहक कम खरीद रहे हैं और हमारा कारोबार घाटे में जा रहा है.”

शादी का सीजन और वैलेंटाइन वीक, दोनों ने बढ़ाई मांग

फूल व्यापारियों के मुताबिक इस बार वैलेंटाइन वीक के साथ-साथ शादी का सीजन भी चल रहा है. शादी की सजावट, वरमाला और स्टेज डेकोरेशन के लिए गुलाबों की भारी मांग है. यही वजह है कि गुलाब का बंडल, जो आम दिनों में 200-300 रुपये में मिल जाता था, अब 800 से 1000 रुपये तक बिक रहा है. कुछ जगहों पर तो 20 स्टिक वाले बंडल की कीमत 1200 रुपये तक पहुंच गई है.

सप्लाई कम, बाहर के बाजारों में ज्यादा भेजे गए फूल

दाम बढ़ने की एक बड़ी वजह यह भी है कि गुलाबों की सप्लाई लोकल बाजार में कम हो गई है. हैदराबाद, अहमदाबाद, गुजरात और अन्य बड़े शहरों में ज्यादा दाम मिलने के कारण फूल वहां भेज दिए गए. इससे पुणे, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में कमी हो गई. बड़े कारोबारी तो इस हालात से निपट लेते हैं, लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए यह मुश्किल भरा दौर बन गया है.

मौसम की मार, उत्पादन पर असर

इस साल मौसम ने भी गुलाब की खेती को नुकसान पहुंचाया है. लखनऊ की फूल मंडी में पहुंचे बाराबंकी के किसान श्याम सैनी बताते हैं कि खराब मौसम की वजह से गुलाब की फसल प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि आज गुलाब का बंडल 800 से 1000 रुपये में बिक रहा है, जबकि पहले यही बंडल 200-300 रुपये में बिक जाता था. दक्षिण भारत के होसुर क्षेत्र में भी अत्यधिक ठंड के कारण उत्पादन में करीब 45 प्रतिशत तक गिरावट आई है. वहां से आने वाले गुलाबों की संख्या कम हो गई, जिससे पूरे देश में सप्लाई पर असर पड़ा.

थोक से फुटकर तक हर जगह बढ़ी कीमत

लखनऊ की फूल मंडी के व्यापारियों के अनुसार, बेंगलुरु और पुणे से आने वाले गुलाबों की फसल को हालिया बारिश से नुकसान हुआ है. पहले थोक मंडी में जो गुलाब 200 रुपये प्रति बंडल मिल रहा था, वही अब 300 से 800 और कहीं-कहीं 1000 रुपये तक पहुंच गया है. इसका असर फुटकर बाजार पर भी पड़ा है, जहां एक गुलाब 50 से 70 रुपये में बिक रहा है.

खुले गुलाब और पत्तियों के दाम भी दोगुने

सिर्फ गुलाब ही नहीं, खुले गुलाब और गुलाब की पत्तियों के दाम भी दोगुने हो गए हैं. जो पहले 40-60 रुपये प्रति किलो बिकते थे, वे अब 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. वैलेंटाइन वीक में सजावट के लिए इनकी मांग भी काफी बढ़ जाती है.

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मॉल ऑफर्स से बढ़ी चुनौती

पारंपरिक फूल विक्रेताओं की परेशानी ऑनलाइन फ्लावर डिलीवरी प्लेटफॉर्म और मॉल ऑफर्स ने और बढ़ा दी है. कई मॉल्स खरीदारी पर मुफ्त गुलाब दे रहे हैं, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी आक्रामक ऑफर्स के साथ बाजार में हैं. इससे सड़क किनारे दुकान लगाने वाले फूल विक्रेताओं की बिक्री और कम हो गई है.

ग्राहक भी परेशान, दुकानदार भी

गुलाब खरीदने आए लोग बताते हैं कि दो दिन पहले जो बंडल 300 रुपये में मिल रहा था, वही अब 1000 रुपये से कम में नहीं मिल रहा. वहीं उन्नाव से फूलों की सजावट करने वाले व्यपारी बताते हैं कि इतनी महंगी मंडी से माल लेकर जाएं तो न बेच पाएंगे, न लागत निकाल पाएंगे.

नए तरीके अपना रहे हैं फूल विक्रेता

बढ़ती लागत और कम मुनाफे के बीच कुछ दुकानदार नए प्रयोग कर रहे हैं. चॉकलेट बुके, सिंगल ट्यूलिप, अलग-अलग रंगों के गुलाब और कस्टम गिफ्ट पैक तैयार किए जा रहे हैं, ताकि ग्राहक आकर्षित हों और नुकसान कुछ कम किया जा सके.

गुलाब महके, लेकिन कारोबार मुरझाया

कुल मिलाकर इस वैलेंटाइन वीक में गुलाब की खुशबू तो हर तरफ फैली है, लेकिन छोटे फूल विक्रेताओं के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है. सीमित सप्लाई, बढ़ती मांग, खराब मौसम और ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा ने इस बार वैलेंटाइन सीजन को उनके लिए अब तक का सबसे मुश्किल दौर बना दिया है.

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