हीटवेव से फसलें चौपट, सब्जियों के रेट में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी.. बिगड़ा किचन का बजट

भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण आंध्र प्रदेश में सब्जियों और चावल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. फसल खराब होने और सप्लाई घटने से बाजारों में महंगाई बढ़ी. लोगों का घरेलू बजट बिगड़ गया है और जरूरी सामानों की कीमतों पर नियंत्रण की मांग तेज हो रही है.

नोएडा | Published: 1 May, 2026 | 03:24 PM

Mandi Bhav: भीषण गर्मी और हीटवेव के चलते पूरे आंध्र प्रदेश में जरूरी सामानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आम परिवारों के लिए मासिक खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है. खास बात यह है कि तेज गर्मी और पानी की कमी की वजह से फसलें खराब हो गई हैं और पैदावार भी कम हुई है, जिससे खेती का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसके कारण सब्जियों के दाम करीब 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि खुली मंडियों में कुछ सब्जियों की कीमतें दोगुनी तक पहुंच गई हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरत की चीजें अब महंगी हो गई हैं.

टमाटर, भिंडी, बैंगन, मिर्च, तोरई और बीन्स जैसी सब्जियों के दाम पिछले एक महीने में लगभग दोगुने हो गए हैं. पत्तेदार सब्जियों के दामों में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है. सिर्फ प्याज को छोड़कर लगभग सभी सब्जियां महंगी हो गई हैं. इसका असर रायथू बाजार और स्थानीय बाजारों में साफ दिख रहा है, जहां ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है. विक्रेताओं का कहना है कि तेज गर्मी के कारण फसलें खराब होने और पैदावार कम होने से मंडियों में सब्जियों की आवक घट गई है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं. साथ ही, ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है, जिससे आम लोगों पर और बोझ पड़ रहा है.

महंगाई से बिगड़ा किचन का बजट

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिगक, मछलीपट्टनम के लोगों का कहना है कि सब्जियों के दाम  अचानक बढ़ने से उनका घरेलू बजट बिगड़ गया है. एक ग्राहक ने कहा कि पहले वे रायथू बाजार से करीब 250 रुपये में पूरे हफ्ते की सब्जियां खरीद लेते थे, लेकिन अब उसी मात्रा के लिए उन्हें 400 से 450 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विक्रेताओं के अनुसार आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं. चावल की कई लोकप्रिय किस्मों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. कई लोगों का कहना है कि रोजमर्रा का खर्च संभालना अब पहले से ज्यादा कठिन हो गया है.

एक बोरे पर 500 रुपये तक बढ़ा भाव

मिलर्स और व्यापारियों द्वारा चावल की कीमतों में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी की गई है. फरवरी से अप्रैल के बीच 26 किलो के एक बोरे पर कीमत करीब 400 से 500 रुपये तक बढ़ गई है. HMT, BPT और सोना मसूरी जैसी लोकप्रिय किस्मों के दामों  में भी काफी इजाफा हुआ है, जिससे किचन का बजट और ज्यादा प्रभावित हो रहा है. विजयवाड़ा में लोगों का कहना है कि जरूरी सामानों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और उन पर कोई सही नियंत्रण नहीं है. आरोप है कि सिविल सप्लाई और लीगल मेट्रोलॉजी विभाग की लापरवाही के कारण दाम बिना रोक-टोक बढ़ते जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं.

चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी

गुंडाला के रहने वाले ए. वारा प्रसाद ने कहा कि उन्होंने फरवरी में HMT चावल का 26 किलो का बैग 1,200 रुपये में खरीदा था, लेकिन अब वही बैग 1,550 रुपये में मिल रहा है. कुछ दुकानों में इसकी कीमत 1,600 रुपये तक भी पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि हर महीने चावल के दाम बढ़ने से मध्यम वर्गीय परिवारों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ रहा है. साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

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