विदेशी फल ने बदली किसानों की किस्मत, बन गए लखपति.. सरकार दे रही 60 फीसदी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर ड्रैगन फ्रूट जैसी हाई-प्रॉफिट फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. यह विदेशी फल बाजार में 100-300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है, जिससे अच्छा मुनाफा मिलता है. सरकार इसकी खेती पर 60 फीसदी तक सब्सिडी भी दे रही है, जिससे शुरुआती लागत कम हो जाती है. यह फसल कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है.

नोएडा | Updated On: 2 May, 2026 | 05:17 PM

Dragon Fruit Farming: उत्तर प्रदेश में खेती का पैटर्न तेजी से बदल रहा है. किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनकी बाजार में अधिक मांग और बेहतर दाम मिलते हैं. इन्हीं में सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रही है ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Cultivation). यह फसल किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है और कई किसान इससे आर्थिक रूप से मजबूत भी हुए हैं और कई लखपति भी बन गए हैं.

क्यों बढ़ रही है ड्रैगन फ्रूट की मांग?

ड्रैगन फ्रूट एक विदेशी फल है, जो अपने स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के कारण भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिससे यह बाजार में हाई-डिमांड फल बन चुका है. इसी वजह से इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा हो रहा है.

सरकार दे रही 60 फीसदी तक सब्सिडी

ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआती लागत थोड़ी अधिक होती है, लेकिन सरकार किसानों को बड़ा सहारा दे रही है. उद्यान विभाग इस फसल पर 60 फीसदी तक सब्सिडी (अनुदान) प्रदान कर रहा है.

इस योजना से:

यह मदद किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बन रही है.

खेती की खास बातें और तरीका

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए कुछ खास परिस्थितियों की जरूरत होती है:

इन कारणों से यह फसल किसानों के लिए कम मेहनत और ज्यादा मुनाफे वाली साबित हो रही है.

कितना मिल सकता है मुनाफा?

ड्रैगन फ्रूट की बाजार कीमत काफी आकर्षक है. इसकी कीमत लगभग 100 से 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. कम लागत, कम पानी और लंबे समय तक उत्पादन के कारण यह फसल किसानों के लिए एक स्थायी आय का साधन बनती जा रही है. अगर किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

इन दस्तावेजों के साथ किसान राज्य के बागवानी विभाग (Horticulture Department) की वेबसाइट या जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं.

Published: 2 May, 2026 | 04:51 PM

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