ईंधन बचाने की मुहिम में जुटा कृषि विभाग, अधिकारी 1 साल तक नहीं खरीदेंगे सोना.. शिवराज के सामने लिया संकल्प
शिवराज सिंह चौहान की समीक्षा बैठक में सरकारी खर्च घटाने, ईंधन-बिजली बचत, वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और कार-पूलिंग जैसे बड़े फैसले लिए गए. अधिकारियों ने एक साल तक सोना न खरीदने का संकल्प लिया. वर्क फ्रॉम होम, खाद्य तेल खपत कम करने और संसाधन संरक्षण पर भी जोर दिया गया.
कृषि विभाग भी ईंधन बचाने की मुहिम में जुट गया है. अब वर्चुअल सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही अधिकारी अब एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे. शादी- विवाह जैसे जरूरी कार्यक्रम में ही गहनों की खरीद करेंगे. खास बात यह है कि इसके लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अधिकारियों ने यह सामूहिक संकल्प लिया है.
दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक की. इस बैठक में ईंधन बचाने के लिए कई फैसले लिए गए. बैठक में तय किया गया कि ईंधन और बिजली की बचत की जाएगी, सरकारी खर्च कम किया जाएगा और कामकाज में वर्चुअल सिस्टम को ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा. दरअसल, वैश्विक चर्चा और बदलते आर्थिक माहौल के बीच केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बचत और संयम का संदेश दे रही है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, ग्रामीण विकास, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भूमि संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में सरकारी खर्च कम करने, जमीनी स्तर के बेहतर उपयोग और काम को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए, जिससे सकारात्मक प्रभाव शासन व्यवस्था, समाज और कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल सकता है.
एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे अधिकारी
कृषि भवन में आयोजित बैठक में सबसे खास फैसला तब सामने आया, जब अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर अगले एक साल तक सोना नहीं खरीदने का सामूहिक संकल्प लिया. हालांकि बेटी की शादी या किसी जरूरी पारिवारिक स्थिति में इसमें छूट रहेगी. अधिकारियों ने इसे कोई सरकारी आदेश नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में लिया गया स्वैच्छिक और नैतिक फैसला बताया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत और संयम की अपील के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया है और व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण भी.
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वर्चुअल मोड में आयोजित होंगी बैठकें
बैठक में यह भी तय किया गया कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में होने वाली दोनों जोनल कॉन्फ्रेंस अब आमने-सामने नहीं, बल्कि वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी. इस फैसले से यात्रा, होटल, कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च कम होगा. साथ ही राज्यों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत और समीक्षा का काम भी पहले की तरह जारी रहेगा. बैठक में बिजली बचाने पर भी खास जोर दिया गया. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि जरूरत न होने पर लाइट, पंखा, एसी, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें जाएं. साथ ही एसी और बिजली से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने का फैसला लिया गया, ताकि अनावश्यक बिजली खर्च रोका जा सके.
वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी होगी लागू
इसके अलावा करीब 20 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने का फैसला भी लिया गया. हालांकि यह साफ किया गया कि मंत्रियों के काम, कार्यभार, राज्यों से जुड़े मामलों और रोजमर्रा के सरकारी काम पर इसका कोई असर नहीं पड़ना चाहिए. घर से काम करने वाले कर्मचारी फोन, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-ऑफिस के माध्यम से लगातार उपलब्ध रहेंगे.
एक दिन कार-पूलिंग लागू होगी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ईंधन बचाने और सरकारी खजाने का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए हफ्ते में एक दिन कार-पूलिंग लागू की जाएगी. यानी अधिकारी एक ही वाहन में साथ सफर करेंगे. यह व्यवस्था निदेशक स्तर तक लागू होगी. साथ ही मंत्रालय में करीब एक-तिहाई सरकारी खजाने का इस्तेमाल कम करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ईंधन, वाहन रखरखाव और अन्य खर्च घटाए जा सकें.