खेती में आया बदलाव- बागवानी फसलों की ओर मुड़ रहे किसान, मसालों-फूलों और औषधीय पौधों की पैदावार बढ़ी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बागवानी फसलों का उत्पादन 2023-24 में 176.66 लाख टन था, जो 2024-25 के दौरान 169.81 लाख टन होने का अनुमान है. वर्ष 2025-26 में बागवानी फसलों का क्षेत्रफल 1.61 फीसदी और और उत्पादन 5.82 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में तेज प्रगति हो रही है.

नोएडा | Updated On: 16 Mar, 2026 | 02:38 PM

खेती में फसल विविधीकरण को तेजी से बढ़ावा मिला है. किसान पारंपरिक फसलों की बजाय बागवानी, सब्जी और मसाला फसलों की ओर बढ़े हैं. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एक साल में बागवानी फसलों का रकबा 10.50 लाख हेक्टेयर बढ़ गया है. जबकि, उत्पादन में 160 लाख टन की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. फलों-सब्जियों से लेकर मसालों, फूलों और औषधीय पौधों तक लगभग हर फसल में क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ा है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2024-25 के अंतिम और 2025-26 के प्रथम अग्रिम बागवानी अनुमान जारी किए हैं, जिनसे साफ संकेत मिलता है कि देश में फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों की खेती और उत्पादन पहले से काफी ज्यादा बढ़ गए हैं.

बागवानी में नई ऊंचाइयां, क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों बढ़े

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह की स्वीकृति के बाद सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कुल बागवानी फसलों का क्षेत्रफल वर्ष 2023-24 (अंतिम) के 290.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 (अंतिम अनुमान) में 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी 10.50 लाख हेक्टेयर (3.61 प्रतिशत) की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. कुल बागवानी उत्पादन भी इसी अवधि में 3547.44 लाख टन से बढ़कर 3707.38 लाख टन पहुंच गया है, जो लगभग 159.94 लाख टन (4.51 प्रतिशत) की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है. वर्ष 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार, बागवानी फसलों का क्षेत्रफल लगभग 301.31 लाख हेक्टेयर और उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन होने की उम्मीद है, जो 2024-25 (अंतिम अनुमान) से 1.09 लाख टन अधिक है और क्षेत्र की स्थिर प्रगति को दिखाता है.

फलों-सब्जियों से खेती और पोषण दोनों मजबूत

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के अनुसार वर्ष 2024-25 में फलों का उत्पादन 2023-24 के 1129.78 लाख टन की तुलना में 4.13 प्रतिशत (46.71 लाख टन) बढ़कर 1176.49 लाख टन देखा गया है. यह वृद्धि मुख्य रूप से केला, आम, मंदारिन, पपीता, अमरूद, तरबूज और कटहल के उत्पादन में तेजी के कारण दर्ज की गई है. सब्जियों का उत्पादन 2023-24 के 2072.08 लाख टन से 5.11 प्रतिशत (105.89 लाख टन) बढ़कर 2024-25 में 2177.97 लाख टन होने का अनुमान है और प्याज, आलू, हरी मिर्च, फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैंगन, भिंडी, मटर, कद्दू/सीताफल, लौकी, करेला, खीरा, टैपिओका, शकरकंद, मूली तथा शिमला मिर्च के उत्पादन में वृद्धि देखी गई है. वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन 1176.49 लाख टन से 10.31 लाख टन (0.88 प्रतिशत) बढ़कर 1186.80 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि सब्ज़ियों का उत्पादन लगभग 2161.60 लाख टन अनुमानित है और टमाटर, मटर, टैपिओका, हरी मिर्च तथा कद्दू/सीताफल के उत्पादन में वृद्धि का रुझान दिखाई दे रहा है.

प्याज, आलू, टमाटर से रोजमर्रा की टोकरी और मजबूत

जारी अनुमान के अनुसार प्याज का क्षेत्रफल वर्ष 2023-24 के 15.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 19.68 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी 4.27 लाख हेक्टेयर (27.74 प्रतिशत) की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. प्याज का उत्पादन वर्ष 2024-25 में 307.67 लाख टन अनुमानित है, जो 2023-24 के 242.67 लाख टन की तुलना में 65 लाख टन (26.79 प्रतिशत) अधिक है. वर्ष 2024-25 में आलू का उत्पादन 570.53 लाख टन से 15.18 लाख टन (2.66 प्रतिशत) बढ़कर 585.71 लाख टन होने का अनुमान है और 2025-26 में आलू का उत्पादन लगभग 584.47 लाख टन रहने की संभावना है. टमाटर का उत्पादन वर्ष 2023-24 के 213.23 लाख टन की तुलना में 2024-25 में 205.99 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में टमाटर का उत्पादन तेजी से बढ़कर लगभग 227.02 लाख टन पहुंचने की संभावना है, जिससे किसानों की आमदनी और उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता दोनों को मजबूती मिलेगी.

मसाले, फूल, सुगंधित-औषधीय पौधे: उच्च मूल्य वाली फसलों में तेज बढ़त

सुगंधित एवं औषधीय पौधों के क्षेत्रफल में वर्ष 2023-24 की तुलना में 6.13 प्रतिशत (0.57 लाख हेक्टेयर) की वृद्धि अनुमानित है, यानी यह 9.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 9.83 लाख हेक्टेयर हो गया है. इन पौधों का उत्पादन 2023-24 के 7.26 लाख टन की तुलना में 2024-25 में लगभग 9.01 लाख टन अनुमानित है, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 9.03 लाख टन होने की संभावना है. फूलों का क्षेत्रफल 2023-24 के 3.17 लाख हेक्टेयर से 25.24 प्रतिशत (0.80 लाख हेक्टेयर) की तेज वृद्धि के साथ 2024-25 में 3.97 लाख हेक्टेयर हो गया है और फूलों के उत्पादन में 20.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. अनुमान है कि 2024-25 में फूलों का उत्पादन 35.35 लाख टन से बढ़कर 42.65 लाख टन तक पहुंचा है, जबकि 2025-26 में फूलों का उत्पादन लगभग 41.65 लाख टन होने की संभावना है.

मसालों की खेती का क्षेत्रफल 2023-24 के 50.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 50.93 लाख हेक्टेयर (1.38 प्रतिशत या 0.69 लाख हेक्टेयर वृद्धि) अनुमानित है और मसालों का उत्पादन 124.84 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 129.93 लाख टन (4.08 प्रतिशत वृद्धि) तक पहुँच गया है, जबकि 2025-26 में मसालों का कुल उत्पादन लगभग 128.18 लाख टन होने की उम्मीद है. जीरा, अदरक, लहसुन और हल्दी के क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में ही उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं 2025-26 में लहसुन, हल्दी और इलायची के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का अनुमान है.

रोपण फसलें और भविष्य की दिशा: तकनीक, सिंचाई और वैल्यू चेन पर जोर

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि रोपण फसलों का उत्पादन 2023-24 में 176.66 लाख टन था, जो 2024-25 के दौरान 169.81 लाख टन होने का अनुमान है. वर्ष 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल और उत्पादन वर्ष 2024-25 की तुलना में क्रमशः 1.61 प्रतिशत और 5.82 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है और प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025-26 में रोपण फसलों का क्षेत्रफल लगभग 46.59 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन लगभग 179.68 लाख टन होने की संभावना है. समग्र रूप से वर्ष 2025-26 के लिए बागवानी उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन का अनुमान बताता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तकनीक, सिंचाई, वैल्यू चेन, प्रसंस्करण, भंडारण, कोल्ड चेन और बाज़ार सुधारों पर सरकार द्वारा किया जा रहा निवेश ज़मीन पर परिणाम दे रहा है और किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में मजबूत प्रगति हो रही है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बागवानी क्षेत्र आज किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि निर्यात को आगे बढ़ाने का एक मजबूत आधार बन रहा है और सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर क्षेत्र के किसान फलों, सब्जियों, मसालों, फूलों व औषधीय फसलों के जरिए बेहतर और स्थायी आमदनी प्राप्त कर सकें.

Published: 16 Mar, 2026 | 02:35 PM

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