आंध्र प्रदेश में फसल बीमा कवरेज में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 10 दिन में 71 फीसदी बढ़े किसान.. 7 लाख के पार पहुंची संख्या

आंध्र प्रदेश में फसल बीमा कवरेज तेजी से बढ़ा है. PMFBY और RWBCIS के तहत करीब 11.4 लाख किसान अब बीमित हैं. बीमित क्षेत्र 12.61 लाख हेक्टेयर और कुल बीमित राशि 11,586.36 करोड़ रुपये पहुंच गई है. बीमा आवेदन की अंतिम तारीख 15 अगस्त है, जिससे कवरेज और बढ़ने की उम्मीद है.

नोएडा | Updated On: 11 Aug, 2026 | 12:47 PM

Crop Insurance: आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों का कवरेज तेजी से बढ़ा है. सिर्फ 10 दिनों में बीमा कराने वाले किसानों की संख्या करीब 71 फीसदी बढ़ गई. 31 जुलाई को 4.13 लाख किसान बीमा के दायरे में थे, जो 10 अगस्त तक बढ़कर 7.04 लाख हो गए. इस दौरान बीमित क्षेत्र भी 50 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 7.41 लाख हेक्टेयर हो गया. मौसम में अनिश्चितता और अल नीनो समेत जलवायु जोखिमों को देखते हुए सरकार ने किसानों तक बीमा सुविधा पहुंचाने के लिए निगरानी और फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाया है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत आंध्र प्रदेश के सभी 26 जिलों में अब तक 17.36 लाख आवेदन मिले हैं. इनमें 5.54 लाख लोन लेने वाले और 11.82 लाख गैर-ऋणी किसानों के आवेदन शामिल हैं. किसानों ने प्रीमियम के रूप में 50.19 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने 8.50-8.50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. बीमित राशि बढ़कर 6,820.52 करोड़ रुपये हो गई है, जो 10 दिन पहले 4,511.67 करोड़ रुपये थी.

RWBCIS में भी बढ़ा कवरेज, 4.35 लाख किसान बीमित

पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के तहत भी कवरेज में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. यह योजना 21 जिलों में लागू है और अब तक 9.04 लाख आवेदन मिले हैं. इनमें 4.99 लाख ऋणी और 4.05 लाख गैर-ऋणी किसानों के आवेदन हैं. योजना के तहत 4.35 लाख किसानों की 5.20 लाख हेक्टेयर फसल का बीमा हुआ है. कुल बीमित राशि 4,765.84 करोड़ रुपये है.

किसानों ने 171.22 करोड़ रुपये का योगदान दिया

RWBCIS के तहत किसानों ने 171.22 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. वहीं, राज्य सरकार ने 134.19 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने 133.89 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना  (RWBCIS) के तहत किसानों का कवरेज तेजी से बढ़ा है. दोनों योजनाओं के तहत अब करीब 11.4 लाख किसान बीमित हो चुके हैं. 10 दिन पहले यह संख्या करीब 7.73 लाख थी. यानी इस दौरान कवरेज में करीब 47 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

बीमित क्षेत्र बढ़कर 12.61 लाख हेक्टेयर हो गया

बीमित क्षेत्र भी 9.14 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 12.61 लाख हेक्टेयर हो गया है. इसमें करीब 38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, दोनों योजनाओं के तहत कुल बीमित राशि 8,412.90 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,586.36 करोड़ रुपये हो गई है. बीमा के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई है, इसलिए आने वाले दिनों में कवरेज और बढ़ने की उम्मीद है.

इस वजह से बढ़ा बीमा कवरेज

मौसम में बढ़ती अनिश्चितता और अल नीनो के खतरे के बीच किसानों का बीमा कवरेज बढ़ा है. PMFBY के तहत प्राकृतिक आपदा, कीट, स्थानीय आपदा और फसल कटाई के बाद होने वाले कुछ नुकसान को कवर किया जाता है. वहीं, RWBCIS में पाला, तापमान, बारिश और नमी से होने वाले नुकसान का बीमा मिलता है. दोनों योजनाओं में अनाज, तिलहन, व्यावसायिक और बागवानी फसलों को शामिल किया गया है.

Published: 11 Aug, 2026 | 12:42 PM

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