PM Fasal Bima Yojana: जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है. पिछले चार वर्षों में यहां किसानों को 119.67 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है. हालांकि, 10.15 करोड़ रुपये के दावे अभी भी लंबित हैं. यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यसभा में दी है.
किसानों ने दिया 53.97 करोड़ रुपये प्रीमियम, 92 फीसदी से ज्यादा दावों का भुगतान
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में सदस्य रणजीत रंजन के सवाल के जवाब में योजना से जुड़े आंकड़े साझा किए. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 से 2025-26 के बीच जम्मू-कश्मीर के किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कुल 53.97 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया. इस दौरान किसानों की ओर से कुल 129.82 करोड़ रुपये के बीमा दावे दर्ज किए गए. इनमें से 119.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 10.15 करोड़ रुपये के दावे लंबित हैं. यानी दर्ज दावों की राशि में करीब 92.2 प्रतिशत का भुगतान हो चुका है और लगभग 7.8 प्रतिशत राशि अभी लंबित है.
जम्मू-कश्मीर में PMFBY का आंकड़ा
| अवधि | आंकड़ा |
|---|---|
| किसानों द्वारा जमा प्रीमियम | 53.97 करोड़ रुपये |
| कुल बीमा दावे | 129.82 करोड़ रुपये |
| भुगतान किए गए दावे | 119.67 करोड़ रुपये |
| लंबित दावे | 10.15 करोड़ रुपये |
| भुगतान का हिस्सा | करीब 92.2 फीसदी रुपये |
| लंबित हिस्सेदारी | करीब 7.8 फीसदी रुपये |
देशभर में 66,159 करोड़ रुपये से ज्यादा दावों का भुगतान
फसल बीमा योजना का असर केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है. राष्ट्रीय स्तर पर भी किसानों को बड़ी राशि का भुगतान किया गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022-23 से 2025-26 के दौरान देशभर के किसानों ने PMFBY के तहत 14,623.05 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया. इसी अवधि में कुल 70,686.44 करोड़ रुपये के बीमा दावे दर्ज किए गए. इनमें से 66,159.24 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 4,527.20 करोड़ रुपये के दावे लंबित हैं. इससे साफ है कि फसल नुकसान की स्थिति में बीमा योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध करा रही है.
जम्मू-कश्मीर में इन कंपनियों ने संभाली बीमा योजना
सरकार के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग वर्षों में विभिन्न सामान्य बीमा कंपनियों को PMFBY के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी गई. 2021 से 2024 के दौरान IFFCO-Tokio और IndusInd General को योजना के लिए चुना गया था. वहीं, 2025 में Bajaj General, IndusInd General और Kshema General को योजना लागू करने के लिए चुना गया. इन कंपनियों का चयन संबंधित राज्य सरकारों की ओर से निविदा प्रक्रिया के जरिए किया गया.
लंबित 10.15 करोड़ रुपये दावों पर किसानों की नजर
जम्मू-कश्मीर में चार वर्षों के दौरान दर्ज 129.82 करोड़ रुपये के दावों में से 119.67 करोड़ रुपये किसानों को मिल चुके हैं. अब 10.15 करोड़ रुपये के लंबित दावों के निपटारे का इंतजार है. हालांकि, कई बड़े कृषि प्रधान राज्यों में लंबित दावों की राशि इससे काफी अधिक है. राज्यों के आंकड़ों की तुलना करते समय कृषि क्षेत्र, बीमित फसलों और दर्ज दावों की संख्या को ध्यान में रखना जरूरी है. PMFBY का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और अन्य कारणों से फसल को होने वाले नुकसान के खिलाफ किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है. फसल खराब होने पर पात्र किसानों को बीमा दावे के माध्यम से आर्थिक राहत मिलती है. ऐसे में लंबित दावों का समय पर निपटारा किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.