जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन से 11 की मौत, सेब और नाशपाती फसलें चौपट.. बागों में पेड़ उखड़े

Jammu & Kashmir landslides: बारिश के बाद भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. सेब, चेरी और नाशपाती के फल टूटकर गिर गए हैं. तेज हवाओं के चलते कई बागानों में पेड़ जड़ उखड़ गए हैं. सरकार ने नुकसान का आकलन कर राहत देने के निर्देश दिए हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 19 Jul, 2026 | 02:49 PM

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी में रविवार को मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 अन्य लापता हैं. वहीं, धान की फसल, सेब, नाशपाती, चेरी समेत अन्य बागवानी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ राहत कार्यों का जायजा लिया है और पीड़ितों को मदद देने का भरोसा दिया गया है. वहीं, जिला कृषि और उद्यान अधिकारियों से फसलों के नुकसान आकलन रिपोर्ट मांगी गई है.

जम्मू कश्मीर बीती रात से जारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है. राहत और बचाव अधिकारियों के अनुसार सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां अधिकांश मौतें दर्ज की गईं. अधिकारियों ने बताया कि सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में मूसलाधार बारिश के कारण रविवार तड़के हुए भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिससे उसमें रह रहे 8 लोग मलबे में दब गए. उन्होंने बताया कि संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के चार सदस्य बह गए. अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले की हवेली तहसील में लगभग छह मकान ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया.

नदियां-नाले उफनाने से तटबंध टूटे

राजौरी शहर में भी रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ के दौरान एक नदी से महिला का शव बरामद किया गया. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत एवं बचाव दल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं. राजौरी से कांग्रेस के विधायक इफ्तिखार अहमद ने कहा कि अचानक आई इस बाढ़ से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है.

23 जुलाई तक बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं. सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में शनिवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जिसके बाद रातभर हुई मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ गए. घाटी के अधिकांश मौसम केंद्रों पर शनिवार को सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किए जाने के एक दिन बाद यह बारिश हुई. श्रीनगर में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस वर्ष का सबसे गर्म दिन था. अधिकारियों ने बताया कि इस भीषण गर्मी के कारण घाटी के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां 22 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी गई थीं.

बागानों में पेड़ उखड़े, किसानों को भारी नुकसान

बारिश के बाद भूस्खलन की स्थितियों से कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है. दोनों जिलों में धान की फसल को नुकसान हुआ है तो वहीं सेब, चेरी और नाशपाती के फल टूटकर गिर गए हैं. तेज हवाओं के चलते कई बागानों में पेड़ जड़ उखड़ गए हैं. सरकार ने जिला प्रशासन और कृषि एवं बागवानी विभागों को नुकसान का आकलन कर राहत देने के निर्देश दिए हैं, जबकि कई इलाकों में सर्वे का काम जारी किया जा रहा है.

सीएम और गवर्नर ने बचाव और राहत देने के निर्देश दिए

पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संभाग के कुछ हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का निर्णय लिया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 19 Jul, 2026 | 02:48 PM

लेटेस्ट न्यूज़