गेहूं किसानों को 9 दिन में हो रहा भुगतान? 1972 करोड़ है बकाया..पूर्व CM ने उठाए और कई मुद्दे

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार के कई फैसले किसानों को परेशान करने वाले हैं. 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल, पटवारी वेरिफिकेशन, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाएं खरीद में देरी पैदा करने के लिए लागू की गई हैं, जिससे किसानों को MSP नहीं मिल पाता और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है.

नोएडा | Updated On: 22 Apr, 2026 | 01:49 PM

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गेहूं खरीदी को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2013 में कांग्रेस सरकार ने 87 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की थी. लेकिन बीजेपी सरकार के आने के बाद से सरकारी खरीद के आंकड़ों में लगातार गिरावट देखी जा रही है. साथ ही किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस साल भी सरकार ने सिर्फ 72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जो कुल उत्पादन की तुलना में काफी कम है.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पैदावार और खेती का रकबा लगभग 2013 जैसा ही है, लेकिन सरकारी खरीद में बड़ी गिरावट  आई है. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को भुगतान मिलने में 8 से 9 दिन की देरी हो रही है. कुल 2714 करोड़ रुपये में से अब तक सिर्फ 741 करोड़ रुपये ही किसानों को मिले हैं, जबकि लगभग 1972 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं.

कांग्रेस सरकार ने 87 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की थी

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा  राज्यभर की मंडियों के दौरे कर रहे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को वे हांसी की अनाज मंडी पहुंचे और किसानों, मजदूरों व आढ़तियों से मुलाकात की. उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडी की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2013 में कांग्रेस सरकार ने 87 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की थी. लेकिन बीजेपी सरकार के आने के बाद से सरकारी खरीद के आंकड़ों में लगातार गिरावट देखी जा रही है.

80 लाख टन गेहूं मंडियों में आने की उम्मीद

उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों के अनुसार इस सीजन में लगभग 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आने की उम्मीद है. हालांकि, अभी भी करीब 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद बाकी है और लगभग 27 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठान नहीं हो पाई है. उनके मुताबिक,  अब तक सिर्फ 16 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही उठाया गया है. इस वजह से मंडियों में भंडारण के लिए जगह नहीं बची है और किसानों को मजबूरी में अपना गेहूं हाईवे, सड़कों के किनारे और खेतों में ही रखना पड़ रहा है.  पूर्व डिप्टी सीएम के काफिले को पुलिस द्वारा रोके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि जेजेपी और इनेलो असल में बीजेपी की ही सहयोगी पार्टियां हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां सरकार के साथ सिर्फ दिखावटी और नाटक जैसी टकराव की राजनीति करती हैं, जिसका मकसद जनता को भ्रमित करना होता है.

गेहूं उठान 20 फीसदी भी नहीं हो पाई

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार के कई फैसले किसानों को परेशान करने वाले हैं. ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल, पटवारी वेरिफिकेशन, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाएं खरीद में देरी पैदा करने के लिए लागू की गई हैं, जिससे किसानों को MSP नहीं मिल पाता और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा MSP भी उत्पादन लागत के हिसाब से कम है और वह भी किसानों को समय पर नहीं मिल रहा. हरियाणा की अनाज मंडियों में किसान, मजदूर और आढ़ती सभी परेशान हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने न तो मंडियों में और न ही वेयरहाउस में पर्याप्त तैयारी की है. मंडियों में अनाज के ढेर लगे हुए हैं और उठान 20 फीसदी भी नहीं हो पाई है. 72 घंटे में भुगतान के वादे के बावजूद किसानों को 8-9 दिन तक पैसे नहीं मिल रहे हैं.

Published: 22 Apr, 2026 | 01:44 PM

Topics: