यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाई गई, पकड़े जाने पर आढ़तियों के लाइसेंस होंगे रद्द..किसान गदगद

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि बॉर्डर पर निगरानी बढ़ने से दूसरे राज्य की उपज हरियाणा में नहीं आ पाएगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 22 Apr, 2026 | 12:52 PM

अब उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर हरियाणा की मंडियों में नहीं बेचा जा सकता है. प्रशासन ने उत्तर प्रदेश से हरियाणा की मंडियों में आने वाली उपज पर लगाम लगाने के लिए सख्त फैसला किया है. हरियाणा-यूपी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है. उत्तर प्रदेश से हरियाणा में आने वाली गाड़ियों को गहनता से जांच की जा रही है. फिलहाल, उत्तर प्रदेश- हरियाणा सीमा पर दो चेक पोस्ट काम कर रहे हैं. अगर कोई आढ़ती यूपी से हरियाणा में गेहूं लाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताहिक,  करनाल के डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उत्तर प्रदेश से करनाल में गेहूं का प्रवेश रोका जा सके. डॉ. शर्मा ने चेतावनी दी है कि अगर कोई आढ़ती उत्तर प्रदेश से गेहूं लाने में शामिल पाया गया, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी लापरवाही की बात सामने आती है, तो मार्केट कमेटियों  के सचिवों पर भी कार्रवाई की जाएगी.

फर्म का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा

उन्होंने कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि उत्तर प्रदेश से गेहूं करनाल की अनाज मंडियों में आ रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है. अगर कोई आढ़ती इसमें शामिल पाया गया, तो उसकी फर्म का लाइसेंस निलंबित  कर दिया जाएगा. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि किसी भी हालत में दूसरे राज्य का गेहूं करनाल की मंडियों में आने नहीं दिया जाना चाहिए. यह बात उन्होंने मिनी सचिवालय में एसडीएम और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही.

गेहूं की उठान की प्रक्रिया को तेज किया जाए

डॉ. शर्मा ने खरीद एजेंसियों को निर्देश दिया कि अनाज मंडियों से गेहूं की उठान की प्रक्रिया को तेज किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी मंडियों में खरीद का काम सुचारू रूप से चल रहा है, और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि गेहूं की जल्दी उठान हो, ताकि किसानों को अपनी फसल उतारने में कोई परेशानी न हो. उन्होंने असंध और घरौंडा के साइलो में मजदूरों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, ताकि ट्रकों से आने वाला गेहूं तेजी से उतारा जा सके और उठान प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रहे. उन्होंने सभी अधिकारियों को मिलकर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.

किसान नेता ने फैसले का किया स्वागत

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि बॉर्डर पर निगरानी बढ़ने से दूसरे राज्य की उपज हरियाणा में नहीं आ पाएगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और घोटाले की संभावना भी कम होगी. उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीद के दौरान उत्तर प्रदेश से धान लाकर करनाल की मंडियों में बेचा गया था, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत हुई थी. लेकिन अब लाइसेंस रद्द होने के डर से आढ़ती दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर हरियाणा की मंडियों में नहीं बेच पाएंगे.

 

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 22 Apr, 2026 | 12:50 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

भारत की सबसे छोटी गाय नस्ल का नाम क्या है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
उत्तर प्रदेश
विजेताओं के नाम
कन्हैया कुमार रंजन, समस्तीपुर, बिहार

लेटेस्ट न्यूज़