डेढ़ एकड़ में एवोकाडो की खेती से बंपर कमाई.. हालात सुधरे, पीएम मोदी ने दो किसानों की तारीफ की
Avocado Farming : पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के दो किसानों का जिक्र करते हुए उनके पारंपरिक फसलों की बजाय एवोकाडो (Avocado) उगाने पर तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज इसे डाइनिंग टेबल पर खूब देखा जा रहा है. अपने देश के एवोकाडो से किसानों की आमदनी भी बढ़ गई है.
बाजार की मांग के अनुरूप फसले उगाने पर किसानों को ज्यादा लाभ मिलता है और बिक्री करना आसान होता है. इसका उदाहरण आंध्रप्रदेश के युवा किसान वरदराज और तमिलनाडु के किसान चंद्रशेखरन ने बेहद कम जमीन पर बाजार मांग के अनुरूप एवोकाडो की खेती की. ट्रायल के तौर पर एवोकाडो उगाने की शुरुआत करने के बाद अब वे अच्छी कमाई कर पा रहे हैं. दोनों किसानों की सफलता की कहानी पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी बताई और उनकी सराहना की है.
पीएम मोदी ने कहा कि आजकल एवोकाडो (Avocado) फल की बड़ी धूम है. इस फल को पहले शायद ही कोई जानता था. इसकी वैल्यू और डिमांड दोनों कम थी, लेकिन आज इसे डाइनिंग टेबल पर खूब देखा जा रहा है. आज यह हेल्थ और प्रीमियम मार्केट की पसंद बन गया है. हमारे किसान भाई-बहनों के लिए भी ये बहुत मददगार है. हम शहरों के रेस्ट्रोरेंट में अकसर एवोकाडो टोस्ट के बारे में सुनते हैं, लेकिन इसी एवोकाडो के जरिए हमारे प्रगतिशील किसानों ने कमाई की एक नई रेसिपी ढूंढ ली है. यानि अपने देश के एवोकाडो से आपके टोस्ट का स्वाद भी बढ़ा और किसानों की आमदनी भी बढ़ गई है.
आंध्र प्रदेश के किसान वरदराज ने यूट्यूब से सीखा एवोकाडो उगाना
पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में कडपा में खेती करने वाले किसान वरदराज का उदाहरण देते हुए बताया कि वे कई वर्षों से अपने खेत में टमाटर और केले की खेती कर रहे थे. एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों के फार्म में एवोकाडो की फसल देखी. इसके बाद उन्होंने यूट्यूब से इस पर जानकारी जुटाई. अब तक वे करीब 4 टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं. आज वे सीधे स्थानीय दुकानों को इसकी सप्लाई कर रहे हैं. नई फसल, वैज्ञानिक सलाह और सीधी मार्केटिंग से उनके छोटे से फार्म की कमाई पूरी तरह बदल गई है.
तमिलनाडु के चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर में उगाया एवोकाडो
तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चन्द्रशेखरन का भी पीएम मोदी ने जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने आधी हेक्टेयर जमीन पर एवोकाडो उगाना शुरू किया. उन्हें इसके अच्छे दाम मिल रहे हैं और कमाई भी बढ़ी है. कर्नाटक में चिक्कमगलुरु के कुछ किसान भाई-बहनों ने तो कॉफी प्लांटेशन के बीच एवोकाडो लगाया है. इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त कमाई भी हो रही है.
आंध्र प्रदेश के किसान वरदराज (ऊपर). तमिलनाडु के किसान चंद्रशेखरन (नीचे).
एक एकड़ में एवोकाडो की खेती का खर्च और कमाई
बाजार में अच्छी मांग के चलते एवोकाडो की खेती भी बढ़ी है. देश में एवोकाडो की कीमत किस्म, गुणवत्ता और मंडी के हिसाब से काफी बदलती है. हालिया बाजार आंकड़ों में थोक भाव करीब 200 से 300 रुपये प्रति किलो है. वहीं, एवोकाडो की खेती में पौधे, गड्ढे तैयार करना, ड्रिप सिंचाई, खाद-उर्वरक, मजदूरी और शुरुआती देखभाल को मिलाकर प्रति एकड़ करीब 3 लाख रुपये तक का शुरुआती खर्च आ सकता है. अच्छी तरह विकसित एवोकाडो के बाग में प्रति एकड़ करीब 6–12 टन उत्पादन लिया जा सकता है. इस हिसाब से 6 टन उपज पर करीब 9 लाख रुपये तक की बिक्री हासिल की जा सकती है.