कैबिनेट का बड़ा फैसला, CCI को 1718.56 करोड़ की MSP सहायता मंजूर.. कपास किसानों को होगा फायदा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह राशि पूरे देश के कपास किसानों को सीधे समर्थन मूल्य देने के लिए है. उन्होंने कहा कि MSP के तहत ये कदम खासकर तब उठाए जाते हैं, जब बाजार में कपास की कीमत MSP से नीचे गिरती है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें.
केंद्र सरकार ने कपास निगम (CCI) को 1,718.56 करोड़ रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहायता राशि मंजूर की है. CCI इस राशि का उपयोग किसानों से MSP पर कपास खरीदने के लिए करेगा. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से कपास किसानों को फायदा होगा. उन्हें उनकी उपज का उचित दाम मिल पाएगा. ऐसे में कपास किसानों की कमाई में बढ़ोतरी होगी. खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया है.
7.25 लाख कपास किसानों को होगा फायदा
वहीं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने 2023-24 के कपास सीजन के लिए 11,712 करोड़ रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहायता मंजूर की है. इस कदम से लगभग 7.25 लाख कपास किसानों को फायदा होगा. इसका मकसद बाजार में गिरती कीमतों से किसानों की सुरक्षा करना है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कदम कपास की कीमतों को स्थिर रखने, किसानों को मजबूरी में सस्ती बिक्री करने से बचाने और उनकी आय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. साथ ही MSP ऑपरेशन कृषि बाजारों में समावेश बढ़ाकर कपास उगाने वाले समुदायों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करते हैं.
देश में लगभग 325 लाख बॉल कपास का उत्पादन हुआ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपास निगम (CCI) को MSP संचालन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1,718 करोड़ रुपये दिए गए हैं. साल 2023-24 विपणन सीजन (अक्टूबर- सितंबर) में कपास की कीमतें कम रहीं, इसलिए सरकार ने बड़े पैमाने पर खरीदारी कर किसानों को नुकसान से बचाया और उन्हें सही मूल्य दिलाया. इस सीजन में भारत ने लगभग 325 लाख बॉल कपास का उत्पादन किया, जिसमें MSP संचालन ने कीमतों को स्थिर रखने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ई, तब CCI ने लगभग 33 लाख बॉल कपास खरीदी थी.
60 लाख किसानों की आजीविका कपास पर है निर्भर
बता दें कि कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है. देश में लगभग 60 लाख किसानों की आजीविका कपास की खेती से चलती है. साथ ही कपास की प्रोसेसिंग, व्यापार और टेक्सटाइल से जुड़े करीब 4 से 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है. साल 2023- 24 के कपास सीजन करीब 1.14 करोड़ हेक्टेयर जमीन पर कपास की खेती की गई. उस वर्ष उत्पादन लगभग 3.25 करोड़ बॉल रहा, जो वैश्विक कपास उत्पादन का करीब 25 फीसदी है. केंद्र सरकार बीज कपास (कपास) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय करती है.
अभी देश में 508 से अधिक खरीद केंद्र काम कर रहे हैं
सरकार ने कपास पर MSP संचालन के लिए कपास निगम (CCI) को मुख्य एजेंसी बनाया है. CCI बाजार की कीमत MSP से नीचे जाने पर किसानों से सभी Fair Average Quality (FAQ) कपास बिना किसी सीमा के खरीदता है. इससे किसानों को सुरक्षित मूल्य मिल जाता है. CCI ने 11 प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में मजबूत खरीद नेटवर्क तैयार किया है, जिसमें 152 जिलों में 508 से अधिक खरीद केंद्र काम कर रहे हैं, जिससे किसानों के लिए खरीद आसान और सुगम बनी है.
इसके अलावा, CCI ने MSP संचालन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित कई पहल की हैं. इनमें MSP से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना, Bale Identification and Traceability System (BITS) लागू करना और ‘Cott-Ally’ मोबाइल ऐप लॉन्च करना शामिल है, जिससे किसानों तक बेहतर सेवा और जानकारी पहुंच सके.
33,660 करोड़ रुपये की योजना की मंजूरी
सरकार ने देशभर में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसका मकसद वर्ल्ड-क्लास औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता बढ़ाना और भारत की आर्थिक विकास कहानी को आगे बढ़ाना है. इस योजना से लगभग 15 लाख सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है. प्रत्येक इंडस्ट्रियल पार्क 100 से 1,000 एकड़ में विकसित किए जाएंगे, और प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय मदद दी जाएगी.