वैज्ञानिक विधि से 11 एकड़ में आम की 15 किस्में लगाईं, युवा किसानों को 5 लाख का सीधा मुनाफा

Young Mango farmers: युवा किसान प्रदीप ने कहा कि आम के पेड़ों के बीच खाली जमीन पर वह हल्दी, अदरक और जिमीकंद जैसी फसलों की खेती भी कर रहे हैं. इससे होने वाली कमाई से उनका मजदूरी, सिंचाई आदि का खर्च आसानी से निकल जाता है और आम से होने वाली कमाई सीधा उनका मुनाफा बन जाती है.

नोएडा | Updated On: 3 May, 2026 | 06:50 PM

दो युवा किसानों ने वैज्ञानिक विधि को अपनाते हुए 11 एकड़ जमीन पर आम की 15 किस्मों को लगाकर नई मिसाल पेश की है. युवा किसान 5 लाख रुपये का सीधा मुनाफा आम की फसल से हासिल कर रहे हैं. जबकि, बाग में ही हल्दी, जिमीकंद समेत अन्य फसलें उगाकर कई गुना ज्यादा कमाई बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है. उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की मदद से सरकारी योजना का लाभ उठाया है और वैज्ञानिक तरीके से खेती कर दूसरे किसानों को पारंपरिक फसलों की बजाय आधुनिक तरीके से बागवानी करने के लिए प्रेरित किया है.

15 किस्मों 1500 आम के पौधों से बढ़ाई कमाई

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा विकासखंड के तहत भरतपुर क्षेत्र के दो युवा किसानों ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के जरिए सफलता हासिल की है. यहां के किसान प्रदीप अग्रवाल और प्रत्योत अग्रवाल ने 11 एकड़ जमीन में आम की 15 से अधिक उन्नत प्रजातियों के पौधे लगाकर न केवल उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि लाखों रुपये का मुनाफा भी कमा रहे हैं. किसान प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने भोपाल से आम की विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1500 पौधे लाकर अपने खेत में लगाए हैं. आज उनके उत्पादित आम छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं.

हल्दी, अदरक और जिमीकंद की खेती, पुरस्कार भी मिला

युवा किसान प्रदीप ने मीडिया को बताया कि आम के पेड़ों के बीच खाली जमीन पर वह हल्दी, अदरक और जिमीकंद जैसी फसलों की खेती भी कर रहे हैं. इससे होने वाली कमाई से उनका मजदूरी, सिंचाई आदि का खर्च आसानी से निकल जाता है और आम से होने वाली कमाई सीधा उनका मुनाफा बन जाती है. किसान प्रत्योत अग्रवाल ने कहा कि वे कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में लगातार वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक खेती अपनाकर अधिक लाभ कमा सकते हैं. उन्हें इस फलदार खेती के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है.

आम की खेती करने वाले किसान प्रदीप (ऊपर)
केवीके भाटापारा के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ. अंगद राजपूत (नीचे).

बहुफसली खेती और सही प्रबंधन से ज्यादा आमदनी

कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ. अंगद राजपूत ने कहा कि बेहतर प्रबंधन और नियमित दवा छिड़काव से फलदार बागवानी किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर साधन बन रही है. उन्होंने कहा कि भरतपुर के किसान बहु-फसली खेती (मल्टी क्रॉपिंग) से अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रदीप और प्रत्योत अग्रवाल न केवल स्वयं लाभ कमा रहे हैं, बल्कि कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए अन्य किसानों को भी जागरूक कर रहे हैं.

Published: 3 May, 2026 | 06:47 PM

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