हर खेत तक पहुंचेगा पानी, CM ने किया ऐलान.. 35000 करोड़ में तैयार होंगी 36 सिंचाई परियोजनाएं
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तीन साल में 35,000 करोड़ रुपये खर्च कर 36 सिंचाई परियोजनाएं पूरी करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि पत्तीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जरिए 2015 से अब तक गोदावरी का 450 टीएमसी पानी कृष्णा नदी तक पहुंचाया गया, जिससे किसानों और खेती को बड़ा लाभ मिला.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन वर्षों में 35,000 करोड़ रुपये खर्च कर 36 प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं पूरी करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि पत्तीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की मदद से 2015 से अब तक गोदावरी का 450 टीएमसी अतिरिक्त पानी कृष्णा नदी तक पहुंचाया गया, जिससे किसानों और खेती को बड़ा फायदा मिला है.
दरअसल, विजयवाड़ा के इब्राहिमपट्टनम स्थित पवित्र संगम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि पत्तीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना ने आंध्र प्रदेश की खेती को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनके अनुसार, 2015 से अब तक गोदावरी नदी का 450 टीएमसी अतिरिक्त पानी कृष्णा नदी में पहुंचाया गया, जिससे किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है.
13 लाख एकड़ कृषि भूमि को मिला पानी
नायडू ने 1,300 करोड़ रुपये की पत्तीसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि इससे कृष्णा डेल्टा की करीब 13 लाख एकड़ कृषि भूमि को नियमित सिंचाई की सुविधा मिली है. उनका कहना है कि इस परियोजना से किसानों को समय पर पानी मिला, फसलों का उत्पादन बढ़ा और सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक भी पानी पहुंचाने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि यह परियोजना हर साल करीब 80 टीएमसी पानी कृष्णा डेल्टा तक पहुंचाती है. गोदावरी नदी के अतिरिक्त बाढ़ के पानी को पोलावरम राइट कैनाल के जरिए कृष्णा नदी में भेजा जाता है. इससे श्रीशैलम बांध में पानी बचता है, जिसे बाद में सूखा प्रभावित रायलसीमा क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है.
सिंचाई परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप
मुख्यमंत्री नायडू ने पिछली वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) सरकार पर सिंचाई परियोजनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं की उपेक्षा करना राज्य और किसानों के हितों के खिलाफ है. नायडू के अनुसार, 2014 से 2019 के बीच उनकी सरकार ने पोलावरम परियोजना का 72 फीसदी काम पूरा किया था, लेकिन अगले पांच वर्षों में परियोजना की प्रगति 2 फीसदी से भी कम रही. उन्होंने दावा किया कि इस देरी के कारण परियोजना की महत्वपूर्ण डायफ्राम वॉल को भी नुकसान पहुंचा. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य की सबसे महत्वपूर्ण पोलावरम सिंचाई परियोजना की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि गुंडलकम्मा और पुलीचिंतला परियोजनाओं के गेट बह जाने के बाद भी उनके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित की जाएगी
नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार ने तुंगभद्रा बांध पर नए गेट लगाए हैं. इसके अलावा डॉवलेश्वरम स्थित सर आर्थर कॉटन बैराज के गेट बदलने के लिए 152 करोड़ रुपये की परियोजना भी शुरू की गई है. मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध इंजीनियर के.एल. राव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने श्रीशैलम, नागार्जुन सागर, हीराकुंड और कोसी जैसी देश की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के विकास में अहम योगदान दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को के.एल. राव के कार्यों से प्रेरित करेगी.