कपास की बुवाई 108 लाख हेक्टेयर के पार, महाराष्ट्र-राजस्थान में घटा रकबा.. इन राज्यों ने संभाला मोर्चा
Cotton Sowing 2026: खरीफ सीजन में कपास की बुवाई लगभग पूरी हो गई है. 21 अगस्त तक देश में कपास का रकबा 108.45 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जो पिछले साल के 108.73 लाख हेक्टेयर के करीब है. महाराष्ट्र और राजस्थान में रकबा घटा है, लेकिन तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में बढ़ोतरी से इसकी भरपाई हुई है.
Cotton Acreage India: खरीफ सीजन की बुवाई अब लगभग पूरी होने वाली है और कपास की खेती का कुल रकबा पिछले साल के आसपास ही बना हुआ है. 21 अगस्त तक देश में कपास की बुवाई 108.45 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है. पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 108.73 लाख हेक्टेयर था. यानी इस बार रकबे में मामूली कमी आई है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों की तस्वीर अलग है. महाराष्ट्र और राजस्थान में कपास का रकबा घटा है, लेकिन तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में क्षेत्र बढ़ने से इसकी भरपाई हो गई है. अब किसानों के लिए सितंबर की बारिश काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों का मौसम फसल की पैदावार तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.
महाराष्ट्र में कपास का रकबा थोड़ा घटा
महाराष्ट्र देश में सबसे ज्यादा कपास उगाने वाला राज्य है. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यहां 21 अगस्त तक कपास की बुवाई 38.22 लाख हेक्टेयर में हुई है. पिछले साल इसी समय यह क्षेत्र 38.37 लाख हेक्टेयर था. यानी यहां मामूली गिरावट आई है. राजस्थान में रकबे में ज्यादा कमी देखने को मिली है. इस बार राज्य में 5.38 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 6.44 लाख हेक्टेयर था. यानी करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
तेलंगाना और गुजरात में बढ़ी खेती
जहां कुछ राज्यों में कपास का रकबा कम हुआ है, वहीं कई राज्यों में किसानों ने इस बार ज्यादा क्षेत्र में कपास बोई है. तेलंगाना में कपास का रकबा 7.28 फीसदी बढ़कर 19.5 लाख हेक्टेयर हो गया है. पिछले साल यह 18.18 लाख हेक्टेयर था. कर्नाटक में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है. यहां कपास की बुवाई 7.76 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 7.62 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है.
- आंध्र प्रदेश में कपास का रकबा 3.78 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.85 लाख हेक्टेयर हो गया है.
- मध्य प्रदेश में भी करीब 2.28 फीसदी बढ़ोतरी के साथ रकबा 5.84 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है.
- गुजरात में कपास का रकबा करीब 3.23 फीसदी बढ़कर 21.35 लाख हेक्टेयर हो गया है.
अभी फसल की हालत अच्छी
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) के मुताबिक, इस समय कपास की फसल की स्थिति काफी अच्छी है. उन्होंने कहा कि अगले 30 दिन फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. सितंबर के अंत तक ही कपास की कुल संभावित पैदावार का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकेगा. उनके मुताबिक, उत्तर भारत में भी फसल की स्थिति ठीक है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अब तक हुई लगातार बारिश से कपास की फसल को फायदा मिला है.
अगले 10-15 दिन की बारिश होगी अहम
अच्छी फसल के लिए अब भी बारिश की जरूरत है. गनात्रा के मुताबिक, अगले 10-15 दिनों में खासकर गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में एक और दौर की बारिश होने से पैदावार बेहतर हो सकती है. हालांकि, कर्नाटक में कपास की फसल को सहारा देने के लिए अभी कुछ और बारिश जरूरी है.
कुछ इलाकों में दोबारा बुवाई की संभावना
कपास की मुख्य बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ इलाकों में दोबारा बुवाई की जरूरत पड़ सकती है. आने वाले दिनों में बारिश का वितरण और उसकी मात्रा फसल के लिए काफी अहम रहेगी. कुल मिलाकर, इस खरीफ सीजन में देश का कपास रकबा पिछले साल के करीब ही है. कई राज्यों में क्षेत्र बढ़ने से महाराष्ट्र और राजस्थान में हुई कमी की भरपाई हो गई है. अब किसानों और बाजार की नजर सितंबर की बारिश पर टिकी है. अगर मौसम ने साथ दिया तो इस बार कपास की पैदावार अच्छी रहने की उम्मीद बढ़ सकती है.