दिल्ली में दो केंद्रों पर आज से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद, 21 हजार किसानों मिलेगा बेहतर दाम

दिल्ली में खेती का दायरा लगातार घटता जा रहा है. तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण अब यहां बहुत कम किसान बचे हैं. अनुमान है कि राजधानी में लगभग 21,000 किसान ही सक्रिय रूप से खेती कर रहे हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर इन्हीं किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 24 Apr, 2026 | 09:52 AM

लंबे इंतजार के बाद आज दिल्ली में फिर से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. यह कदम उन हजारों किसानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जो अब तक अपनी उपज को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर थे.

4 साल बाद फिर शुरू हुई सरकारी खरीद

दिल्ली में रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत 24 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. पिछले करीब 4 साल से यहां न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद बंद पड़ी थी. इससे पहले भी खरीद बहुत सीमित स्तर पर होती थी, जिसके कारण किसानों को इसका ज्यादा लाभ नहीं मिल पाता था. अब सरकार ने इस व्यवस्था को फिर से शुरू कर दिया है, जिससे किसानों को अपनी फसल का सही दाम मिलने की उम्मीद जगी है.

इन दो जगहों पर होगी आज खरीद

सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो प्रमुख स्थानों पर खरीद केंद्र बनाए हैं. पहला केंद्र नरेला स्थित एफसीआई डिपो और दूसरा नजफगढ़ मंडी में स्थापित किया गया है. इन केंद्रों पर किसान आसानी से अपनी उपज लेकर पहुंच सकते हैं और MSP पर बिक्री कर सकते हैं. इससे समय और परिवहन दोनों की बचत होगी.

किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज

सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज तय किए हैं. किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आधार कार्ड, जमीन से जुड़े कागजात और बैंक पासबुक साथ लानी होगी. इसके अलावा गांव के अनुसार खरीद का कार्यक्रम भी जारी किया जाएगा, ताकि भीड़भाड़ और असुविधा से बचा जा सके.

सिर्फ 21 हजार किसानों के लिए बड़ा फैसला

दिल्ली में खेती का दायरा लगातार घटता जा रहा है. तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण अब यहां बहुत कम किसान बचे हैं. अनुमान है कि राजधानी में लगभग 21,000 किसान ही सक्रिय रूप से खेती कर रहे हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर इन्हीं किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. अब उन्हें अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

मुख्यमंत्री की पहल लाई रंग

इस फैसले के पीछे राज्य सरकार की पहल भी अहम रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर विशेष अनुरोध किया था. उन्होंने प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर बताया था कि खरीद बंद होने से किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है. केंद्र सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए भारतीय खाद्य निगम को तुरंत खरीद शुरू करने के निर्देश दिए.

उत्पादन ज्यादा, लेकिन दाम नहीं मिल रहा था

दिल्ली में भले ही खेती का क्षेत्र सीमित है, लेकिन यहां हर साल करीब 29 हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती होती है. यहां से लगभग 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है, जो स्थानीय जरूरत से ज्यादा है. इसके बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाता था, क्योंकि सरकारी खरीद की व्यवस्था नहीं थी. अब इस नई पहल से किसानों को MSP पर अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा.

क्यों अहम है यह फैसला

यह फैसला सिर्फ गेहूं खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली में बची हुई खेती को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. अगर किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलेगा, तो वे खेती से जुड़े रहने के लिए प्रेरित होंगे. इससे राजधानी में कृषि गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी.

बदलती दिल्ली में खेती की चुनौती

दिल्ली जैसे महानगर में खेती करना आसान नहीं है. जमीन की कमी, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियों के बीच किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में सरकारी खरीद की वापसी उनके लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है, जो उन्हें आर्थिक रूप से सहारा दे सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 24 Apr, 2026 | 09:51 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

भारत की सबसे छोटी गाय नस्ल का नाम क्या है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
उत्तर प्रदेश
विजेताओं के नाम
कन्हैया कुमार रंजन, समस्तीपुर, बिहार

लेटेस्ट न्यूज़