Beetroot Farming: किसानी में मुनाफा चाहिए तो गर्मियों में करें चुकंदर की खेती, तरीका भी जान लें

Beetroot Farming in Summer Season: चुकंदर एक ऐसी फसल है जो कम लागत में अधिक मुनाफा देती है. यही वजह है कि किसान भाई पारंपरिक खेती छोड़कर चुकंदर की खेती करना शुरू कर रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 8 Apr, 2026 | 07:42 PM

Beetroot Farming Tips: चुकंदर एक ऐसी फसल है जो कम लागत में अधिक मुनाफा देती है. कम समय में तैयार होने के कारण किसान भाई पारंपरिक खेती छोड़कर इस फसल की खेती करना शुरू कर रहे हैं. चुकंदर की फसल लगभग 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है. आमतौर पर एक हेक्टेयर खेत से लगभग 250 से 300 क्विंटल तक का उत्पादन मिल सकता है. इस फसल से किसान भाई डेढ़ से दो लाख तक का मुनाफा कमा सकते हैं.

चुकंदर क्रैश क्रॉप फसल होने से कटाई के बाद तुरंत कमाई

चुकंदर की खासियत यह है कि इसका उपयोग खाद्य और औषधि दोनों रूपों में किया जाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि चुकंदर की फसल किसानों के लिए एक ‘क्रैश क्रॉप’ है यानी ऐसी फसल जो कम समय, कम लागत में अधिक मुनाफा देती है. इसकी डिमांड न केवल स्थानीय बाजारों में है बल्कि भोपाल, नागपुर, दिल्ली और जयपुर जैसी बड़ी मंडियों में भी रहती है.

गर्मियों में चुकंदर की खेती में मिट्टी और जलवायु अहम

चुकंदर की उत्तम पैदावार के लिए ठंडी और नम जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है. आमतौर पर इसकी खेती सर्दियों में की जाती है, लेकिन गर्मियों में इसकी पैदावार किसानों को ज्यादा कमाई कराती है. यह फसल दोमट या बलुई दोमट मिट्टी में बढ़िया उत्पादन देती है. मिट्टी का पीएच मान 6 से 7.5 के बीच होना चाहिए. खेत की 2- 3 बार गहरी जुताई करें, जिससे खेत की मिट्टी भुरभुरी बन जाए. साथ ही खेत में 20 से 25 टन गोबर की सड़ी खाद डालना फायदेमंद रहता है.

जान लें चुकंदर की बुवाई का वैज्ञानिक तरीका

चुकंदर की बुवाई के लिए नमी के साथ सिंचाई की सुविधा बेहतर होनी जरूरी है. एक हेक्टेयर खेत के लिए 6 से 8 किलोग्राम बीज पर्याप्त होते हैं. बीजों की बुवाई करते समय लाइन से लाइन की दूरी 45 सेमी. और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी. रखें. बीज बोने के बाद हल्की सिंचाई करें ताकि अंकुरण जल्दी हो जाए.

कब करें सिंचाई

फसल की पहली सिंचाई 3 – 5 दिन बाद करें और इसके बाद हर 10 से 12 दिन के अंतराल पर पानी दें. ध्यान रखें कि खेत में पानी न जमा हो, वरना जड़ गलन की संभावना रहती है. खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 20 दिन बाद निराई – गुड़ाई जरूर करनी चाहिए.

रोगों से फसल को बचाना जरूरी

चुकंदर में अक्सर पत्ती झुलसा रोग देखने को मिलता है. इससे बचाव के लिए मैंकोजेब या कार्बेंडाजिम का छिड़काव करें. अगर कीट लग जाए तो नीम का अर्क या जैविक दवाओं का उपयोग करना बेहतर रहता है.

कम समय में अधिक उत्पादन

चुकंदर की फसल लगभग 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है. जब इसकी जड़े गहरी लाल रंग की और गोल आकार की हो जाए, तब इसे मिट्टी से निकाल लेना चाहिए. एक हेक्टेयर खेत से लगभग 250 से 300 क्विंटल तक का उत्पादन मिल सकता है.

Published: 8 Apr, 2026 | 11:48 AM

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