किसानों के लिए बड़ी सौगात, बाग लगाइए और पाएं 50 हजार रुपये के साथ 50 फीसदी सब्सिडी
हरियाणा सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. योजना के तहत फलदार पौधे लगाने पर तीन किस्तों में राशि मिलेगी. किसान ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.
Horticulture Scheme: खेती में कम पानी और ज्यादा कमाई का विकल्प तलाश रहे किसानों के लिए हरियाणा सरकार अच्छी खबर लेकर आई है. राज्य सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दे रही है. मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत नए फलों के बाग लगाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाएगी. इसके अलावा विभिन्न बागवानी योजनाओं के तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा. सरकार का उद्देश्य पानी की अधिक खपत वाली फसलों की जगह बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है.
तीन साल में मिलेगी 50 रुपये हजार की सहायता
हरियाणा सरकार के अनुसार, मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत बाग लगाने वाले किसानों को पहले वर्ष 23 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके बाद अगले दो वर्षों तक पौधों की देखभाल और रखरखाव के लिए 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी. इस तरह किसानों को कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्राप्त होगी. यह राशि पौधों की सिंचाई, खाद, दवा और अन्य जरूरी कार्यों में खर्च की जा सकती है, जिससे बाग की अच्छी देखभाल संभव होगी.
बागवानी पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ
सरकार का कहना है कि किसानों को बागवानी अपनाने के लिए कई योजनाओं के तहत 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. एक किसान अधिकतम 10 एकड़ तक बाग लगा सकता है और प्रति एकड़ 43 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकता है. जुलाई से सितंबर तक का समय फलदार पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान बारिश के कारण पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और उनके जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है.
इन फलों की खेती से बढ़ सकती है आय
हरियाणा सरकार किसानों को आम, अमरूद, जामुन, आंवला, लीची, बेर और आलूबुखारा जैसे फलदार पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इन फलों की बाजार में अच्छी मांग रहती है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं. सरकार का मानना है कि बागवानी अपनाकर किसान लंबे समय तक स्थायी आय का स्रोत तैयार कर सकते हैं. साथ ही इससे भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी, क्योंकि फलदार फसलों में कई पारंपरिक फसलों की तुलना में कम पानी की जरूरत होती है.
ऑनलाइन आवेदन कर ऐसे उठाएं योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा या हॉर्टनेट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP), बैंक खाते की पासबुक और भूमि संबंधी दस्तावेज जरूरी हैं. हरियाणा सरकार का कहना है कि जो किसान समय पर आवेदन कर बागवानी अपनाएंगे, वे सरकारी सहायता का लाभ लेकर कम लागत में अपना बाग विकसित कर सकते हैं. सरकार का उद्देश्य बागवानी के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना, पानी की बचत करना और कृषि को अधिक लाभदायक बनाना है.