धान-गेहूं छोड़िए.. अब ये फसल कराएगी मोटी कमाई! सरकार दे रही 45 हजार रुपये, आवेदन का लास्ट चांस
पपीता विकास योजना के तहत किसानों को पपीता खेती पर 45 हजार रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है. सही दूरी, कम समय में तैयार फसल और बाजार में अच्छी मांग से आमदनी बढ़ सकती है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है, लेकिन अंतिम तारीख नजदीक है. किसानों के लिए यह मौका साबित हो सकता है.
Papaya Farming : खेत में सालों से धान और गेहूं उगाकर अगर मुनाफा कम लगने लगा है, तो अब सोच बदलने का वक्त आ गया है. सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ें और बागवानी को अपनाएं. इसी दिशा में एक शानदार मौका सामने आया है, जहां सिर्फ पपीता की खेती करके किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. खास बात यह है कि सरकार खुद इसमें मदद कर रही है और सीधे 45,000 रुपये तक का अनुदान दे रही है. लेकिन ध्यान रहे, आवेदन के लिए समय बहुत कम बचा है.
क्या है पपीता विकास योजना
केंद्र सरकार की इस खास योजना का नाम पपीता विकास योजना है, जिसे एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत चलाया जा रहा है. इस योजना का मकसद किसानों को पपीता जैसी नकदी फसल की ओर प्रोत्साहित करना है, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके. यह योजना दो साल के लिए लागू की गई है और इसके तहत पपीता की खेती करने वाले किसानों को भारी सब्सिडी दी जा रही है. राज्य के कई जिलों में यह योजना लागू है और किसानों से अच्छा रिस्पॉन्स भी मिल रहा है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी और कैसे होगा भुगतान
इस योजना में पपीता की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 75,000 रुपये तय की गई है. इसमें से किसानों को कुल 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी. यानी सरकार सीधे 45,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद दे रही है. यह अनुदान एक बार में नहीं, बल्कि दो साल में किस्तों के रूप में दिया जाएगा.
- पहली किस्त में 27,000 रुपये
- दूसरी किस्त में 18,000 रुपये
यह रकम सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे किसी तरह की दलाली या परेशानी नहीं होगी.
पपीता विकास योजना
पपीता की खेती कैसे करें, कितने पौधे लगेंगे
पपीता की खेती ज्यादा मुश्किल नहीं है और सही तरीके से की जाए तो जल्दी फायदा देती है. एक हेक्टेयर खेत में करीब 2500 पौधों की जरूरत होती है. पौधों से पौधों की दूरी लगभग 2×2 मीटर रखनी चाहिए. पपीता की फसल जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग बनी रहती है. यही वजह है कि कम समय में यह फसल किसानों को अच्छा मुनाफा देती है.
कौन ले सकता है योजना का फायदा
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है. किसान के पास कम से कम 0.25 एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ तक खेती योग्य जमीन होनी चाहिए. जिन किसानों के नाम पर जमीन नहीं है, वे भी एकरारनामा के आधार पर इस योजना का लाभ ले सकते हैं. योजना में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है, ताकि वे भी खेती और बागवानी के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें. इसी वजह से हर साल चयन प्रक्रिया में कम से कम 30 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करने का प्रावधान रखा गया है. यह पहल किसानों के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देती है.
पपीता की खेती
आवेदन कैसे करें और कब तक मौका है
अगर आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. किसान उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि आवेदन की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2026 है. यानी अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं. अगर इस बार मौका चूक गए, तो बाद में पछताना पड़ सकता है.
जरूरी दस्तावेज पहले ही रखें तैयार
- आवेदन करते समय किसान को जमीन से जुड़े जरूरी कागजात देने होंगे.
- जैसे-भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र, अपडेटेड राजस्व रसीद या वंशावली से जुड़ा प्रमाण.
- सभी दस्तावेज सही और अपडेटेड होने चाहिए, ताकि आवेदन में कोई रुकावट न आए.
क्यों है किसानों के लिए सुनहरा मौका
पपीता विकास योजना उन किसानों के लिए सुनहरा मौका है, जो खेती में कुछ नया करना चाहते हैं. धान-गेहूं से हटकर पपीता जैसी फसल अपनाकर किसान कम लागत में ज्यादा कमाई कर सकते हैं. ऊपर से सरकार की मदद मिल जाए, तो जोखिम और भी कम हो जाता है. सही समय पर आवेदन करके किसान अपनी खेती और आमदनी-दोनों की तस्वीर बदल सकते हैं.