केला किसानों को राहत! 250 हेक्टेयर में होगी टिश्यू कल्चर खेती, 40 फीसदी सब्सिडी देगी सरकार

बिहार के भागलपुर में इस साल 250 हेक्टेयर में टिश्यू कल्चर केले की खेती का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को प्रति हेक्टेयर 70,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा. रोगमुक्त पौधों से उत्पादन बढ़ाने की योजना के तहत बिहार कृषि ऐप से आवेदन किए जा सकेंगे. जी-9, मालभोग और चिनिया किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा.

नोएडा | Published: 25 Jul, 2026 | 03:48 PM

Banana Farming: बिहार में केले की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. राज्य में केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए भागलपुर जिला उद्यान विभाग (DHD) ने इस साल 250 हेक्टेयर क्षेत्र में टिश्यू कल्चर केले की खेती कराने का लक्ष्य तय किया है. यह काम राज्य सरकार की कई योजनाओं के तहत किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य किसानों को रोगमुक्त और अधिक उत्पादन देने वाले पौधे उपलब्ध कराना है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाई जा सके. साथ ही, एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत कृषि उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जाएगा. खास बात यह है कि टिश्यू कल्चर केले की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 1.75 लाख रुपये की लागत पर 40 फीसदी अनुदान दिया जाएगा.

जिला उद्यान विभाग का खास फोकस भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल पर है, जिसे जिले का प्रमुख केला उत्पादक  क्षेत्र माना जाता है. अधिकारियों का मानना है कि टिश्यू कल्चर तकनीक अपनाने से केले की गुणवत्ता और पैदावार बेहतर होगी. जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री बागवानी मिशन (केला विकास योजना)/फल विकास योजना के तहत टिश्यू कल्चर केले की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 1.75 लाख रुपये की लागत पर 40 फीसदी अनुदान दिया जाएगा. यानी किसानों को 70,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता मिलेगी.

किसानों को दो किस्तों में मिलेगी सब्सिडी राशि

यह अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा. पहली किस्त में 42,000 रुपये (60 फीसदी) पहले साल मिलेंगे. जबकि दूसरी किस्त 28,000 रुपये (40 फीसदी) दूसरे साल तब जारी की जाएगी, जब जांच में कम से कम 75 फीसदी पौधे जीवित पाए जाएंगे. अधिकारियों ने कहा है कि टिश्यू कल्चर केले  के पौधे लैब में तैयार किए जाते हैं. ये पौधे रोगमुक्त होते हैं और पनामा विल्ट तथा वायरल संक्रमण जैसी बीमारियों से फसल की सुरक्षा करने में मदद करते हैं. इससे केले की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बेहतर होने की उम्मीद रहती है.

लोकप्रिय केले की किस्मों की खेती को बढ़ावा

इस योजना के तहत जी-9 (G-9), मालभोग और चिनिया जैसी लोकप्रिय केले की किस्मों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि टिश्यू कल्चर तकनीक से पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक उत्पादन मिलने की उम्मीद है. जिला उद्यान पदाधिकारी मधुप्रिया ने कहा कि किसान 0.10 हेक्टेयर से 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए बिहार कृषि ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं. लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रति हेक्टेयर 3,086 टिश्यू कल्चर केले के पौधे उद्यान निदेशालय से अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे. मधुप्रिया ने किसानों और बागवानी  से जुड़े लोगों से समय पर आवेदन करने की अपील की, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें.

Topics: