कृषि मंत्री ने उद्योग से की GST कटौती पर बैठक, जानें अब ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी की नई कीमत

इस कटौती से न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि छोटे और मझोले किसान भी सस्ती मशीनरी खरीदकर अपनी खेती को यंत्र आधारित बना सकेंगे. इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 19 Sep, 2025 | 10:20 AM

GST Reduction: किसानों की लागत कम करने और खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरों में बड़ी कटौती की है. अब ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, पावर टिलर और अन्य कृषि मशीनरी पर 12-18 फीसदी का टैक्स घटाकर केवल 5 फीसदी कर दिया गया है. इसका असर 22 सितंबर से लागू होगा और इससे किसानों की खरीद क्षमता में बड़ा सुधार आएगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 सितंबर को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जीएसटी कटौती का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य खेती की लागत को कम करना और किसानों के मुनाफे को बढ़ाना है.

उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक

इस बैठक में TMA, AMMA, AICMA और PTAI जैसे प्रमुख संगठन शामिल हुए. बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जीएसटी कटौती से किसानों को सस्ते उपकरण मिलें, और कृषि उपकरण उद्योग में पारदर्शिता बनी रहे. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशी निर्माता अब “आत्मनिर्भर भारत” के विजन के तहत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल कर सकेंगे.

किसानों को कितना होगा लाभ?

शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में उपकरणों पर मिलने वाले लाभ का उदाहरण देते हुए बताया कि ट्रैक्टर की कीमतों में भारी कमी आएगी. उदाहरण के लिए, 9 लाख रुपये वाला ट्रैक्टर अब 65 हजार रुपये सस्ता हो जाएगा. 35 HP वाले ट्रैक्टर पर 41 हजार रुपये, 45 HP पर 45 हजार रुपये, 50 HP पर 53 हजार रुपये और 75 HP पर 63 हजार रुपये की बचत होगी.

अन्य कृषि उपकरणों पर लाभ

पावर टिलर पर लगभग 11,875 रुपये, धान रोपने वाली मशीन पर 15,400 रुपये, थ्रेसर पर 14,000 रुपये और पावर वीडर पर 5,495 रुपये की बचत होगी. इसके साथ ही, मक्खन और घी पर भी जीएसटी घटाई गई है, जिससे किसान और ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.

कृषि यंत्रीकरण में बढ़ेगी पहुंच

इस कटौती से न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि छोटे और मझोले किसान भी सस्ती मशीनरी खरीदकर अपनी खेती को यंत्र आधारित बना सकेंगे. इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम किसानों के लिए दोगुना लाभ साबित होगा, पहले सब्सिडी और अब कम टैक्स के कारण.

कृषि उपकरणों पर जीएसटी कटौती का यह निर्णय किसानों और उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद है. छोटे और मझोले किसान अब सीमित बजट में ट्रैक्टर और मशीनरी खरीद पाएंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और खेती अधिक आधुनिक एवं यंत्रीकृत होगी. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पहल किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने और खेती में लागत कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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