आलू की कुफरी बहार किस्म के बीज उत्पादन को मंजूरी, आलू संस्थान टिश्यू कल्चर विधि अपनाएगा

Kufri Bahar potato variety: केंद्र सरकार के केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (ICAR-CPRI) ने हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित आलू केंद्र को उन्नत किस्म 'कुफरी बहार' के बीज उत्पादन के लिए मंजूरी दी गई है. इसके तहत टिश्यू कल्चर तकनीक को इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन किया जाएगा. 

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 26 May, 2026 | 02:19 PM

केंद्र सरकार के आलू अनुसंधान संस्थान ICAR-CPRI ने बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली आलू की किस्म ‘कुफरी बहार’ के टिश्यू कल्चर आधारित गुणन यानी बड़े स्तर पर बीज उत्पादन को फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी, जिससे पूरे देश में इसका तेजी से उत्पादन संभव हो सकेगा. इसके साथ ही उन्नत किस्म की आलू के बीजों की दिक्कत भी दूर होने के साथ ही किसानों को इन बीजों की उपलब्धता भी आसान हो जाएगी.

केंद्र सरकार के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (ICAR-CPRI) के वित्त प्रबंधन पैनल ने हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित आलू केंद्र को उन्नत किस्म ‘कुफरी बहार’ के बीज उत्पादन के लिए मंजूरी दी गई है. इसके तहत टिश्यू कल्चर तकनीक को इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन किया जाएगा.  यह फैसला रिवॉल्विंग फंड मैनेजमेंट कमेटी (RFSMC) की वार्षिक बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता CPRI शिमला के निदेशक ब्रजेश सिंह ने की.

बीज की उपलब्धता और पहुंच आसान होगी

शिमला के आलू अनुसंधान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस पहल से गुणवत्तापूर्ण बीज सामग्री की उपलब्धता में काफी वृद्धि सुनिश्चित होने और किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, “यह पहल बीज गुणन प्रक्रिया को तेज करने, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों की उत्पादकता तथा फसल के प्रदर्शन – दोनों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

यूपी में 70 फीसदी कुफरी बहार की खेती

अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश सिंह ने कहा कि यह फैसला विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि, यूपी में ‘कुफरी बहार’ की खेती कुल आलू उत्पादन क्षेत्र के 70 फीसदी से अधिक हिस्से में की जाती है. इसके साथ ही इस उन्नत किस्म के बीजों को आगरा के आलू संस्थान समेत यूपी के अन्य संस्थानों के लिए भी अच्छी पहल के साथ ही किसानों के लिए बड़े बदलाव के रूप में होगा.

आलू बीज उत्पादन नेटवर्क मजबूत करने का ऐलान

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्रों मोदीपुरम, ग्वालियर, जालंधर, पटना, कुफरी-फागू, ऊटी और शिलांग के प्रतिनिधियों को समन्वय बढ़ाकर आलू बीज उत्पादन नेटवर्क को मजबूत करने का ऐलान किया गया. इसके अलावा बीज उत्पादन की दक्षता बढ़ाने और आलू बीज आपूर्ति नेटवर्क को और अधिक बेहतर करने के साथ ही लचीला बनाने का निर्णय लिया गया है.

क्या है टिश्यू कल्चर तकनीक

उन्होंने कहा कि टिश्यू कल्चर तकनीक रोग मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री के तेजी से उत्पादन को संभव बनाती है. इससे बीज उत्पादन की प्रक्रिया अधिक कुशल और तेज हो जाती है. इस तकनीक के जरिए आलू के बीज की उपलब्धता का संकट दूर होगा और किसानों को समय पर उन्नत किस्म का बीज मिलेगा, तो पैदावार अधिक होगी और लागत घट जाएगी.

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