हरियाणा सरकार ने वेटलैंड एरिया की 1.40 लाख एकड़ जमीन को खेती लायक बनाने के लिए वैज्ञानिकों को निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में कहा कि खारे पानी की वजह से जो दलदली जमीन बेकार है उसे ठीक करके 100 फीसदी उपजाऊ बनाया जाए. वहीं, राज्य के दूसरे हिस्सों में मौजूद 1.5 लाख एकड़ जमीन को नेचुरल और ऑर्गेनिक खेती के लिए क्लस्टर के तहत लाया जाए. उन्होंने कहा कि पराली जलाने के मामले जीरो करने के लिए किसानों के बीच हर साल 15,000 क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों को डिस्ट्रीब्यूट किया जाए. इसको लेकर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने रोडमैप पेश किया है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास को लेकर चंडीगढ़ में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री ने डिपार्टमेंट को किसानों को ऑर्गेनिक खेती अपनाने, पेस्टिसाइड और केमिकल का इस्तेमाल कम करने, DSR टेक्नीक अपनाने, फसल डाइवर्सिफिकेशन अपनाने और पराली जलाने से रोकने के लिए बढ़ावा देने के लिए ‘जागरूक यात्रा’ शुरू करने का निर्देश दिया. सीएम के दिशानिर्देशों के तहत एग्रीकल्चर और किसान कल्याण डिपार्टमेंट ने क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन, सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट, नेचुरल फार्मिंग, क्लाइमेट रेजिलिएंस और एफिशिएंट रेसिड्यू मैनेजमेंट पर फोकस करते हुए अपना रोडमैप पेश किया गया है.
1.40 लाख एकड़ खारे पानी से भरी जमीन को उपजाऊ बनाने का टारगेट
हरियाणा के एग्रीकल्चर और किसान कल्याण के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विजयेंद्र कुमार ने मीटिंग के दौरान बताया कि डिपार्टमेंट ने 2026-27 तक लगभग 1.40 लाख एकड़ पानी भरी और खारी जमीन को ठीक करने का एक बड़ा टारगेट रखा है, जबकि साल 2031 तक ऐसी 100 परसेंट प्रभावित जमीन को ठीक करने का लक्ष्य है.
जैविक और नेचुरल फार्मिंग क्लस्टर में 1.5 लाख एकड़ जमीन होगी
मिट्टी के हेल्थ मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए डिपार्टमेंट हर साल 15 लाख किसानों को मिट्टी के हेल्थ कार्ड जारी करने की योजना बना रहा है. रोडमैप में राज्य भर में सस्टेनेबल खेती के तरीकों को बढ़ावा देने के लिए 1.5 लाख एकड़ जमीन को नेचुरल और ऑर्गेनिक खेती क्लस्टर के तहत लाना भी शामिल है.
3 लाख एकड़ जमीन पर डीएसआर विधि से होगी चावल की खेती
उन्होंने कहा कि हरियाणा का लक्ष्य 3 लाख एकड़ जमीन को पानी बचाने वाली खेती की तकनीकों जैसे डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) के तहत लाना है ताकि ग्राउंडवाटर बचाया जा सके और क्लाइमेट-रेजिलिएंट खेती को बढ़ावा दिया जा सके.
पराली मामले जीरो करने के लिए किसानों को मिलेंगी सीआरएम मशीनें
सरकार राज्य में ज़ीरो पराली जलाने के मकसद से किसानों के बीच हर साल 15,000 क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनें बांटने की योजना बना रही है. उन्होंने डॉक्यूमेंट्री, WhatsApp कैंपेन और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए बड़े पैमाने पर जागरूकता कैंपेन चलाने को भी कहा. मुख्यमंत्री के निर्देश पर हर डिपार्टमेंट के लिए अलग-अलग Facebook पेज और YouTube चैनल बनाए जाएं ताकि डिपार्टमेंट की एक्टिविटी को रेगुलर तौर पर दिखाया जा सके और किसानों और नागरिकों को सरकारी पहलों के बारे में जानकारी दी जा सके.
बागवानी, पशुपालन और फिशरीज विभाग की लॉन्गटर्म स्ट्रैटजी
हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट ने हॉर्टिकल्चर की खेती को बढ़ाने, ज्यादा कीमत वाली फसलों को बढ़ावा देने और डाइवर्सिफिकेशन और मॉडर्न खेती की टेक्नीक के ज़रिए किसानों की इनकम बढ़ाने की अपनी स्ट्रैटेजी बताई. फिशरीज़ डिपार्टमेंट ने एक्वाकल्चर प्रोडक्शन को बढ़ावा देने और फिशरीज़ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की अपनी स्ट्रैटेजी भी बताई. पशुपालन डिपार्टमेंट ने भी पशुओं की प्रोडक्टिविटी में सुधार, बीमारी कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने और वेटेरिनरी हेल्थकेयर सर्विस को मॉडर्न बनाने के लिए एक लॉन्गटर्म स्ट्रैटेजी तैयार की है.