खाद स्टॉक और कीमतों पर केंद्र सरकार का बड़ा अपडेट, 200 लाख मीट्रिक टन के पार हुई उपलब्धता

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने देश में खाद के मौजूदा स्टॉक के बारे में अपडेटेड आंकड़े जारी किए हैं. मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि घरेलू उर्वरक उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई है और आयात की गई खाद की खेप आ गई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 25 May, 2026 | 04:26 PM

खाद की बढ़ती कीमतों की आशंकाओं के बीज केंद्र सरकार ने खाद स्टॉक को लेकर अपडेट जारी किया है. केंद्रीय गैस एवं रसायन मंत्रालय ने कहा है कि देश में मौजूदा खाद का स्टॉक 200 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है. किसान संगठनों ने कहा है कि एमओपी और एनपीके खाद की कीमतों में उछाल से किसान मुश्किल में हैं. जबकि, बड़े स्तर पर कारोबारी और व्यापारी खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने में लिप्त हैं.

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने देश में खाद के मौजूदा स्टॉक के बारे में अपडेटेड आंकड़े जारी किए हैं. मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में उर्वरकों की कुल उपलब्धता और भंडारण स्थिति संतोषजनक बनी हुई है. उन्होंने कहा कि खाद के घरेलू उत्पादन और आयात में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

दो सप्ताह में 5 लाख मीट्रिक टन खाद उत्पादन बढ़ा

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव ने कहा कि चालू वर्ष के लिए 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की अनुमानित आवश्यकता के मुकाबले वर्तमान में 200.12 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल जरूरत का 51 फीसदी से अधिक है. दो सप्ताह पहले देश में खाद का स्टॉक 195 लाख मीट्रिक टन था, यानी घरेलू स्तर पर 5 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया गया है.

घरेलू उत्पादन बढ़ा और आयात की गई खाद पहुंची

अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि देश में घरेलू उत्पादन और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. अब तक लगभग 95 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का घरेलू उत्पादन किया जा चुका है, जबकि 22.60 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का आयात भारत पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि कुछ सप्ताह पहले आयात के टेंडर जारी किए गए थे.

22 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी और एनपीके का स्टॉक

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त देश ने 13.5 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद (Diammonium Phosphate) और 9 लाख मीट्रिक टन एनपीके NPK कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की आपूर्ति भी पक्की कर ली गई है, जिससे खरीफ सीजन के दौरान पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी. कहा गया है कि किसानों को खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद का स्टॉक उपलब्ध रहेगा.

एमओपी और एनपीके के दाम में 33 फीसदी बढ़ोत्तरी

मंत्रालय की ओर से कीमतों को लेकर कहा गया है कि उर्वरकों के एमआरपी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने जारी बयान में कहा कि म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP) खाद की खुदरा कीमत पिछले सीजन के 1500 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर 1800-2000 रुपये प्रति बोरी हो गई है. केरल के कुट्टनाड, कोट्टायम और पलक्कड़ जैसे कृषि क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 20 से 33 फीसदी तक दर्ज की गई है. इसी तरह फैक्टमफॉस (NPK) की कीमत भी पिछले सीजन के 1425 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर 1750-1900 रुपये प्रति बोरी हो गई है, जो 22 से 33 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाती है.

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Published: 25 May, 2026 | 04:24 PM

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