हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, ग्रेड-सी सेब खरीद पर नहीं होगी सीमा.. 12 रुपये किलो रहेगा भाव

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सेब किसानों को राहत देते हुए कहा है कि MIS के तहत ग्रेड-सी सेब की खरीद 12 रुपये प्रति किलो पर जारी रहेगी और खरीद की मात्रा पर कोई सीमा नहीं होगी. इस बार पूरी खरीद प्रक्रिया डिजिटल होगी. सरकार ने अल्टरनेरिया बीमारी और नकली कीटनाशकों की जांच के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी है.

नोएडा | Published: 22 Jul, 2026 | 03:53 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सेब किसानों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने कहा है कि मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत ग्रेड-सी सेब की खरीद 12 रुपये प्रति किलो की दर से जारी रहेगी. साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि किसान अपनी पूरी उपज इस योजना के तहत बेच सकेंगे. सरकारी खरीद पर किसी तरह की मात्रा सीमा नहीं लगाई जाएगी.

वहीं, बागवानी मंत्री जगत नेगी ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति के कारण सरकार खरीद मूल्य नहीं बढ़ा सकी. हालांकि, किसानों के लिए खरीद की मात्रा सीमित करने की कोई योजना नहीं है. हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि सरकार हर बागवान से सीमित संख्या में ही सेब खरीदने पर विचार कर रही है. इससे किसानों में चिंता बढ़ गई थी कि सरकारी खरीद के बाद बचा हुआ सेब वे कहां बेचेंगे. हालांकि, बागवानी मंत्री जगत नेगी ने साफ कर दिया है कि MIS के तहत खरीद पर कोई सीमा नहीं होगी.

खरीद प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगी

उन्होंने कहा कि इस बार पूरी खरीद प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म  के जरिए होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और निगरानी बेहतर तरीके से हो सके. इसके लिए किसानों को MIS पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और अपने बैंक खाते की जानकारी तथा जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे.  बागवानी मंत्री जगत नेगी ने कहा कि किसानों से जमीन के रिकॉर्ड इसलिए मांगे जाएंगे, ताकि खरीद प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके. इससे यह भी पता चल सकेगा कि किसी किसान के बाग से ग्रेड-सी सेब का कितना उत्पादन होने की संभावना है.

Himfed भी कुछ खरीद केंद्रों का संचालन करेगा

उन्होंने बताया कि इस बार हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) के साथ हिमफेड (Himfed) भी कुछ खरीद केंद्रों का संचालन करेगा. पिछले साल हिमफेड को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया था. मंत्री ने कहा कि इस बार हर जगह खरीद केंद्र खोलने के बजाय क्लस्टर आधारित खरीद केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सके.

बीमारी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई

हिमाचल प्रदेश में सेब के बागों में तेजी से फैल रही अल्टरनेरिया बीमारी को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई बागवानों को शक है कि नकली कीटनाशकों की वजह से यह समस्या बढ़ी है. इस पर बागवानी मंत्री जगत नेगी ने कहा कि विभाग ने कीटनाशकों  के नमूने इकट्ठा करने के लिए टीमें मैदान में भेज दी हैं. इन नमूनों की जांच कराई जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर कोई कीटनाशक नकली पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल नौणी स्थित बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की सिफारिश वाले कीटनाशकों का ही इस्तेमाल करें.

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