खरीफ 2026: सोयाबीन की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में बढ़ा रकबा… फसल की हालत भी अच्छी
Kharif 2026: खरीफ 2026 सीजन में देश में 117.68 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले केवल 0.70 फीसदी कम है. जुलाई में अच्छी बारिश से मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बुवाई बढ़ी है, जबकि महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में रकबा घटा है.
Soybean Sowing 2026: खरीफ सीजन 2026 में देशभर में सोयाबीन की बुवाई लगभग पिछले साल के स्तर तक पहुंच गई है. जुलाई में अच्छी बारिश होने से किसानों ने तेजी से बुवाई पूरी की, जिससे कई राज्यों में सोयाबीन का रकबा बढ़ा है. कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक देश में 117.68 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है. यह पिछले साल के 118.52 लाख हेक्टेयर की तुलना में सिर्फ 0.70 प्रतिशत कम है. सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) ने भी अपने सर्वे में करीब 117.13 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई का अनुमान लगाया है. इससे साफ है कि इस बार किसानों ने बड़े पैमाने पर सोयाबीन की खेती की है और उत्पादन को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं.
जुलाई की बारिश से किसानों को मिला फायदा
इस साल जून में मॉनसून की शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन जुलाई में कई राज्यों में अच्छी बारिश हुई. इसका सीधा फायदा सोयाबीन की खेती को मिला. जिन किसानों ने शुरुआत में बुवाई नहीं की थी, उन्होंने जुलाई में बारिश होने के बाद तेजी से खेतों में बीज डाले. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि, समय पर हुई बारिश से फसल की शुरुआती बढ़वार अच्छी हुई है, जिससे आगे उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है.
इन राज्यों में बढ़ा सोयाबीन का रकबा
इस बार कई राज्यों में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई है. सबसे बड़ा बदलाव मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में देखने को मिला. देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में इस बार 52.09 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है. पिछले साल यह आंकड़ा 51.08 लाख हेक्टेयर था. यानी इस बार करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं गुजरात में सोयाबीन का रकबा करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 2.79 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. तेलंगाना में भी बुवाई बढ़कर 1.48 लाख हेक्टेयर हो गई है. सबसे ज्यादा बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में देखने को मिली, जहां पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुने क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई है.
इन राज्यों में घटी बुवाई
जहां कुछ राज्यों में किसानों ने ज्यादा सोयाबीन बोई, वहीं कुछ राज्यों में इसका रकबा कम हुआ है. महाराष्ट्र में इस बार 46.56 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हुई, जो पिछले साल की तुलना में 3.84 प्रतिशत कम है. इसी तरह राजस्थान में बुवाई 5.48 प्रतिशत और कर्नाटक में 3.17 प्रतिशत कम दर्ज की गई. हालांकि इन राज्यों में कमी के बावजूद देश का कुल सोयाबीन रकबा लगभग पिछले साल के बराबर बना हुआ है.
फसल की स्थिति सामान्य से बेहतर
SOPA के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक के अनुसार, जून में बोई गई ज्यादातर सोयाबीन की फसल अब फूल आने की अवस्था में पहुंच चुकी है. फिलहाल फसल की हालत सामान्य से अच्छी बताई जा रही है. उन्होंने कहा कि खेतों में खरपतवार पर समय रहते नियंत्रण किया गया है, जिससे फसल को फायदा मिला है. सबसे राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े कीट या बीमारी का प्रकोप देखने को नहीं मिला है. इससे किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है.
किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद
अगर आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहा और लगातार संतुलित बारिश होती रही, तो इस बार सोयाबीन का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है. फसल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसान भी अच्छे उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि, अच्छी पैदावार से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ खाद्य तेल उद्योग को भी पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल मिल सकेगा.